काेलकाता: बंगाल सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने और चौकियां बनाने के लिए केंद्र को लगभग १०५ एकड़ जमीन देने के प्रताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। लगभग १७ किलोमीटर में बाड़ लगाने और सीमा चौकियां (बीओपी) स्थापित करने के लिए यह जमीन सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को ट्रांसफर की जायेगी।आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
नबान्न में हुई थी मंत्रिस्तरीय समूह की बैठक:
केंद्रीय एजेंसियों को जमीन देने से संबंधित प्रस्तावों की जांच के लिए गठित मंत्रिस्तरीय समूह ने राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में बैठक की थी. इसी बैठक में सैद्धांतिक रूप से इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। अंतिम मंजूरी राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में दी जायेगी।
१७ किलोमीटर लंबे हिस्से में बाड़ लगाने की है योजना:
केंद्र सरकार सीमा के १७ किलोमीटर लंबे हिस्से पर बाड़ लगाने की योजना बना रही है। इसके लिए उसने पश्चिम बंगाल सरकार से जमीन की मांग की है। बीएसएफ को भी इस क्षेत्र में ९ सीमा चौकियों के निर्माण के लिए जमीन की जरूरत है।
ममता बनर्जी ने नियुक्त किया था विशेष मंत्रिस्तरीय समूह
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इससे पहले केंद्रीय एजेंसियों को जमीन देने से संबंधित प्रस्तावों की जांच के लिए एक विशेष मंत्रिस्तरीय समूह नियुक्त किया था। शुक्रवार को चंद्रिमा भट्टाचार्य, फिरहाद हकीम और अरूप विश्वास ने इन बातों पर विचार-विमर्श किया कि कहां कितनी जमीन की जरूरत है और राज्य कितनी जमीन उपलब्ध करा सकता है।
९ सीमा चौकियों के लिए १८ एकड़ जमीन देगी सरकार:
राज्य सचिवालय से मिली जानकारी अनुसार, १७ किलोमीटर के क्षेत्र में बाड़ लगाने के लिए लगभग ६७ एकड़ जमीन आवंटित करने का निर्णय लिया गया है। ९ बीओपी (बोर्ड ऑफ पोस्ट यानी सीमा चौकियों) के निर्माण के लिए लगभग १८ एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी।
सीएमओ से मंजूरी के बाद राज्य मंत्रिमंडल में जायेगा प्रस्ताव:
इन जमीनों का मालिकाना हक फिलहाल निजी व्यक्तियों के पास है। राज्य सरकार ये जमीनें बीएसएफ को सौंपने से पहले जमीन के मालिकों से उसकी खरीद करेगी। यदि मुख्यमंत्री कार्यालय प्रस्ताव को मंजूरी दे देता है, तो इसे राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जायेगा।
जिला प्रशासन करेगा भूमि का अधिग्रहण:
मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिलने पर, जिला प्रशासन आवश्यक भू-खंडों के अधिग्रहण के लिए भू-स्वामियों से बातचीत शुरू करेगा। इतना ही नहीं, मंत्रिस्तरीय समूह द्वारा सीमा से सटे ९ स्थानों पर लगभग २०-२५ एकड़ सरकारी जमीन बीएसएफ को हस्तांतरित करने की सिफारिश की जा सकती है। एक अधिकारी ने कहा कि इसका उद्देश्य सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाना है।










