सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही उत्तर बंगाल का राजनीतिक माहौल गर्माता जा रहा है। इसी क्रम में सिलीगुड़ी नगर निगम के वार्ड नंबर–४४ अंतर्गत दशरथपल्ली क्षेत्र में चुनावी प्रचार के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार शिखा चटर्जी और तृणमूल कांग्रेस की पार्षद एवं बोरो चेयरमैन प्रीतिकणा विश्वास के बीच तीखी बहस हो गई।
शुरुआत में बातचीत सौहार्दपूर्ण रही, लेकिन धीरे-धीरे यह बहस देशभक्ति, सीमा सुरक्षा और हिन्दुत्व जैसे मुद्दों पर केंद्रित हो गई।
प्रचार के दौरान शिखा चटर्जी ने “देश सबसे पहले है” कहते हुए बांग्लादेश सीमा से संभावित सुरक्षा खतरे पर चिंता जताई। उन्होंने सीमावर्ती इलाकों में उग्रवादी गतिविधियों और अवैध घुसपैठ की आशंका व्यक्त की।
इस पर जवाब देते हुए प्रीतिकणा विश्वास ने कहा कि सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है और इसके लिए राज्य सरकार को दोष देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, “सीमा सुरक्षा केंद्र का विषय है, इसमें राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा करना सही नहीं।”
सीमा पर कंटीले तार (फेंसिंग) निर्माण को लेकर भी विवाद बढ़ गया। भाजपा समर्थकों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा फंड देने के बावजूद राज्य सरकार जमीन उपलब्ध नहीं करा रही है, जिससे काम रुका हुआ है। वहीं तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि सीमा प्रबंधन पूरी तरह केंद्र सरकार का दायित्व है।
बहस के दौरान हिन्दुत्व और रोहिंग्या शरणार्थियों का मुद्दा भी उठा। शिखा चटर्जी ने इसे “देश बचाने की लड़ाई” बताया, जबकि प्रीतिकणा विश्वास ने आरोप लगाया कि हिन्दुत्व के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम को दोनों नेताओं के बीच कड़ी राजनीतिक टक्कर के रूप में देखा है।
तृणमूल कांग्रेस की ओर से ममता बनर्जी सहित अन्य नेताओं की भारी मतों से जीत का दावा किया गया है, जबकि भाजपा ने इस चुनाव को राष्ट्र और सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण लड़ाई बताया है।








