सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी में सरकारी जमीनों और नदियों के बांधों पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में वार्ड नंबर 47 स्थित पंचनई नदी के बांध पर कब्जा करके बनाए गए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यालय को नगर निगम ने गुरुवार को बुलडोजर चलाकर ढहा दिया। इस प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए इलाके में सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और निगम अधिकारियों की देखरेख में इसे पूरी तरह हटा दिया गया।
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि नदी के बांध पर बने इस राजनीतिक दफ्तर को हटाने के लिए 3 जुलाई को ही एक आधिकारिक नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस के जरिए पार्टी को स्वयं ही इस अवैध निर्माण को हटाने के लिए कहा गया था, लेकिन तय समय सीमा समाप्त होने के बाद भी जब कार्यालय नहीं हटाया गया, तब प्रशासन ने बुलडोजर की मदद से जमीन को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करा लिया।
इस कार्रवाई पर विपक्षी दल भाजपा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया है कि इस कार्यालय का निर्माण करीब पांच साल पहले किया गया था। भाजपा नेताओं के अनुसार, निर्माण के समय ही अनुमंडल अधिकारी (एसडीओ) से इसकी शिकायत की गई थी, जिसके बाद काम रोक भी दिया गया था, लेकिन बाद में सत्ता के रसूख के बल पर रातों-रात इस निर्माण को पूरा कर लिया गया और उस समय सिलीगुड़ी के मेयर ने खुद इसका उद्घाटन किया था। दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ किया है कि नदियों के संरक्षण और सरकारी जमीनों को कब्जों से मुक्त कराने का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।










