कामिरीता ने ३२वीं और लाक्पा ने ११वीं बार फतह किया दुनिया का सर्वोच्च शिखर
काठमांडू: दुनिया की सबसे ऊंची चोटी सगरमाथा (माउंट एवरेस्ट) के पर्वतारोहण इतिहास में रविवार को दो अभूतपूर्व और ऐतिहासिक विश्व कीर्तिमान स्थापित हुए हैं। ‘एवरेस्ट मैन’ के नाम से मशहूर विख्यात पर्वतारोही कामिरीता शेरपा ने ३२वीं बार और ‘माउंटेन क्वीन’ के रूप में पहचानी जाने वाली लाक्पा शेरपा ने ११वीं बार सगरमाथा का सफल आरोहण कर अपने ही पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
पर्यटन विभाग के अनुसार, कामिरीता ने रविवार सुबह १०:१२ बजे और लाक्पा ने उसी दिन सुबह ९:३० बजे ८,८४८.८६ मीटर ऊंचे सगरमाथा के शिखर पर कदम रखा। वसंत ऋतु के जारी पर्वतारोहण के दौरान अनुकूल मौसम का लाभ उठाते हुए दोनों ने विश्व पर्वतारोहण के इतिहास में नेपाल का नाम एक बार फिर स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा दिया है।
कामिरीता: अपने ही रिकॉर्ड के बाधक और ‘एवरेस्ट मैन’
सोलुखुम्बु के थामे में सन १९७० में जन्मे ५५ वर्षीय कामिरीता शेरपा की यह उपलब्धि महज एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि हिमालय के प्रति उनके आजीवन समर्पण की कहानी बन चुकी है। २२ वर्ष की उम्र से पर्वतारोहण की शुरुआत करने वाले कामिरीता ने सन १९९४ में पहली बार सगरमाथा पर सफल फतह हासिल की थी। तब से वे लगभग हर साल एवरेस्ट की चोटी पर पहुंच रहे हैं।
मई २०१८ में २२वीं बार सगरमाथा चढ़कर उन्होंने आप्पा शेरपा के रिकॉर्ड को तोड़ा था। उसके बाद से वे हर साल अपने ही रिकॉर्ड में सुधार करते आ रहे हैं। उन्होंने पिछले साल ३१वीं बार और उससे पहले साल २०८१ (नेपाली संवत) में एक ही सीजन में दो बार (२९वीं और ३०वीं बार) सगरमाथा का सफल आरोहण किया था।
उनका आरोहण प्रबंधन देख रहे ‘१४ पिक्स एक्सपीडिशन’ के अनुसार, कामिरीता की यह सफलता न केवल उनके अनुभव और लचीलेपन को दर्शाती है, बल्कि हिमालय के प्रति पूरे शेरपा समुदाय के गहरे सम्मान और कड़ी मेहनत को भी प्रतिबिंबित करती है।
लाक्पा शेरपा: गुफा के जन्म से ‘पर्वतों की रानी’ तक का सफर
महिला पर्वतारोहियों की श्रेणी में, संखुवासभा के मकालु क्षेत्र की एक गुफा (ओडार) में जन्मी लाक्पा शेरपा ने ११वीं बार सगरमाथा के शिखर को छूकर दुनिया में सबसे अधिक बार एवरेस्ट फतह करने वाली महिला का कीर्तिमान और ऊंचा कर दिया है। सन २००० में पहली बार सगरमाथा की चढ़ाई करने वाली लाक्पा, एवरेस्ट के शिखर पर पहुंचकर सुरक्षित वापस लौटने वाली पहली नेपाली महिला भी हैं।
सन २००३ में अपने भाई और बहन के साथ एक साथ सगरमाथा चढ़कर ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में अपना नाम दर्ज कराने वाली लाक्पा का जीवन बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। औपचारिक शिक्षा से वंचित रहीं और गुजारे के लिए बर्तन मांजने तक का काम करने वाली लाक्पा एक सिंगल मदर हैं। एक अमेरिकी पर्वतारोही से शादी कर अमेरिका बसने के बाद, सन २०१५ में उनका तलाक हो गया था। इससे पहले उन्होंने सन २०२२ में ४८ वर्ष की उम्र में १०वीं बार सगरमाथा का आरोहण कर अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था।

विश्व पर्वतारोहण में नेपाल का डंका
एक ही दिन पुरुष और महिला वर्ग में बने इन दो ऐतिहासिक कीर्तिमानों ने विश्व पर्वतारोहण क्षेत्र में नेपाली पर्वतारोहियों की सर्वोच्चता और हिमालय के प्रति उनकी अद्भूत क्षमता को एक बार फिर साबित कर दिया है। पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने इन दोनों उपलब्धियों को देश के लिए गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि इससे दुनिया भर में नेपाल के एडवेंचर टूरिज्म को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।










