Category: विशेष

टीआरआई अभिलेखालय…
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इतिहास में २९ दिसंबर: कुछ महत्वपूर्ण घटनाएँ

१९७५ में ब्रिटेन ने लैंगिक समानता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया। उसी वर्ष लैंगिक भेदभाव अधिनियम लागू किया गया, जिसने महिलाओं और पुरुषों को

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इतिहास के पन्नों में २८ दिसम्बर: भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की नींव और देशभक्ति की चेतना

२८ दिसम्बर की तारीख भारतीय इतिहास में दो महत्वपूर्ण घटनाओं के कारण विशेष महत्व रखती है। १८८५ में राष्ट्रीय आंदोलन की दिशा तय करने वाली घटना

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इतिहास में २७ दिसम्बर

इतिहास में २७ दिसंबर कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए जाना जाता है, जिनमें भारत के राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ का पहली बार गाया जाना (१९११), विश्व बैंक

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२६ दिसंबर के इतिहास में दर्ज हैं कई महत्वपूर्ण घटनाएं

जानिए कब क्या हुआ साल के आखिरी महीने के २६ वें दिन की बात करें तो यह दिन इतिहास में एक दुखद घटना के साथ दर्ज है।दरअसल २६ दिसंबर

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देश और दुनिया के इतिहास में २५ दिसंबर कई कारणों से महत्वपूर्ण है, जिनमें से ये सभी प्रमुख हैं…

पुरी दुनिया में २५ दिसंबर को क्रिसमस का त्योहार मनाया जाता है और इसके साथ ही नये साल के आने की दस्तक सुनाई देने लगती है।

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क्रिसमस डे क्यों मनाया जाता है? इस दिन क्या करते हैं?

जानिए २५ दिसंबर का इतिहास, महत्व और परंपराएं क्रिसमस केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि प्रेम, करुणा, शांति और मानवता का प्रतीक है। हर साल २५

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इतिहास में २४ दिसंबर: उपभोक्ता दिवस से लेकर मोहम्मद रफ़ी के जन्म तक

२४ दिसंबर भारतीय और विश्व इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए जाना जाता है। इसी दिन भारत में राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस मनाया जाता है और

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२३ द‍िसंबर: आज का इतिहास

देश-दुनिया के इतिहास में २३ दिसंबर की तारीख पर कई अहम घटनाएं दर्ज हैं। इसी द‍िन देश के पांचवें प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का जन्म हुआ

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इतिहास के पन्नों में २२ डिसेम्बर

राष्ट्रीय गणित दिवस, महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की स्मृति भारत में प्रत्येक वर्ष २२ दिसंबर को राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया जाता है। यह दिवस महान भारतीय

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आज का इतिहास: २१ दिसम्बर

२१ दिसम्बर १८९८ को विज्ञान के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक खोज हुई, जिसने चिकित्सा विज्ञान में नई क्रांति की नींव रखी। वैज्ञानिक दंपती मैरी क्यूरी और

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इतिहास में १२ दिसंबर : दिल्ली बनी भारत की राजधानी

इतिहास के पन्नों में १२ दिसंबर कई महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है। वर्ष १९११ में इसी दिन वह फैसला लिया गया, जिसने भारत की राजनीतिक

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व्लादिमीर व्लादिमीरोविच पुतिन: अराजकता में फलने-फूलने वाला ज़ार

व्लादिमीर व्लादिमीरोविच पुतिन के बारे में एक मशहूर किस्सा, जिसे रूस के दीवाने विदेशी कमेंटेटर अक्सर दोहराते हैं, इस रहस्यमयी लीडर की सोच का एनालिसिस करने