​विंबलडन के रूप में करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब लिंडा नोस्कोवा के नाम

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लंदन: चेक गणराज्य की २१ वर्षीय टेनिस स्टार लिंडा नोस्कोवा ने विंबलडन २०२६ में महिला एकल का खिताब जीत लिया है। यह उनके करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब भी है।
​शनिवार को खेले गए ‘ऑल चेक फाइनल’ में नोस्कोवा ने कैरोलिना मुचोवा को ६-२, ५-७, ६-३ से पराजित कर प्रतिष्ठित ‘वीनस रोजवाटर डिश’ अपने नाम की। नोस्कोवा ने पहले सेट में असाधारण प्रदर्शन करते हुए आसानी से बढ़त हासिल की थी। दूसरे सेट में भी वह जीत से महज एक कदम की दूरी पर थीं, लेकिन पांच बार मैच पॉइंट गंवाने के कारण खेल तीसरे और निर्णायक सेट तक खिंच गया। इसके बाद नोस्कोवा ने दमदार वापसी करते हुए निर्णायक सेट ६-३ से जीतकर अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब सुनिश्चित किया।
​इस जीत के साथ नोस्कोवा पिछले ४ वर्षों में विंबलडन महिला एकल का खिताब जीतने वाली तीसरी चेक खिलाड़ी बन गई हैं। इससे पहले मार्केटा वोंद्रोसोवा ने २०२३ और बारबोरा क्रेजकिकोवा ने २०२४ में इस प्रतिष्ठित खिताब पर कब्जा जमाया था। नोस्कोवा की इस जीत ने महिला टेनिस में चेक गणराज्य के वर्चस्व को एक बार फिर साबित कर दिया है।
​फाइनल मैच के दौरान कोर्ट पर दो बार की विंबलडन चैंपियन पेट्रा क्वितोवा और विंबलडन में रिकॉर्ड नौ एकल खिताब जीतने वाली महान खिलाड़ी मार्टिना नवरातिलोवा भी मौजूद थीं। नवरातिलोवा रॉयल बॉक्स में ‘केट, प्रिंसेस ऑफ वेल्स’ के साथ बैठी थीं। मैच के बाद प्रिंसेस ऑफ वेल्स ने नोस्कोवा को विजेता ट्रॉफी प्रदान की।
​दिलचस्प बात यह है कि लिंडा नोस्कोवा और कैरोलिना मुचोवा ने पेरिस ओलंपिक २०२४ में महिला युगल (डबल्स) स्पर्धा में एक साथ हिस्सा लिया था, जहां इस जोड़ी ने चौथा स्थान हासिल किया था। इस बार विंबलडन के फाइनल में ये दोनों खिलाड़ी एक-दूसरे के आमने-सामने थीं, जिसमें नोस्कोवा ने बाजी मारी।
​अब रविवार को खेले जाने वाले पुरुष एकल के फाइनल में गत विजेता इटली के यानिक सिनर और जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव के बीच खिताबी भिड़ंत होगी।

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