रूस की नई चाल: एसयू–५७ई का गुप्त ग्राहक कौन?

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नई दिल्ली: रूस की सरकारी हथियार निर्यात कंपनी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट ने अपनी पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान एसयू–५७ई के लिए नए विदेशी निर्यात समझौते का दावा किया है। हालांकि, समझौता करने वाले देश का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा रूसी मशीन निर्माण उद्योग संघ के उपाध्यक्ष अलेक्जेंडर मिखेेव ने बताया कि खासकर अफ्रीका और मध्य पूर्व में रूसी लड़ाकू विमानों के प्रति रुचि बढ़ रही है। उनका दावा है कि युद्ध के मैदान में रूसी विमानों के प्रमाणित प्रदर्शन के कारण उनकी मांग बढ़ी है। हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में युद्ध से जुड़े कोई ठोस आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए।
रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के अनुसार, एसयू–५७ई के लिए नए निर्यात समझौते हो चुके हैं और इनकी आपूर्ति २०२६ में शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, खरीदार देश और समझौते की कीमत से जुड़ी कोई जानकारी नहीं दी गई है।
इस बीच, मिस्र में आयोजित होने वाले अल अलामेन अंतरराष्ट्रीय एयर शो में एसयू–५७ई को उड़ान और जमीन पर प्रदर्शित किया जाएगा। वहां इस विमान के लिए विकसित नए एस–७१एम मिसाइल और एस–७१के हवाई बम भी पहली बार सार्वजनिक किए जाने की बात कही गई है।
रूस भारत को भी एसयू-५७ई की बिक्री के साथ पूर्ण तकनीक हस्तांतरण की पेशकश करता रहा है। हालांकि, भारत ने अभी तक इस संबंध में कोई निर्णय सार्वजनिक नहीं किया है। ऐसे में रूस द्वारा घोषित नया ग्राहक भारत है या अफ्रीका अथवा मध्य पूर्व का कोई देश, यह सवाल अब चर्चा में है।

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