शिलांग: मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु से एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मेघालय में हवाई संपर्क को रूपांतरित करने वाली प्रमुख उड्डयन परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार का सहयोग प्राप्त करना था।
मुख्यमंत्री संगमा ने शिलांग एयरपोर्ट के विस्तार की त्वरित स्वीकृति का अनुरोध किया। राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए पहले ही २२ एकड़ भूमि हस्तांतरित कर दी है और इसे आवश्यक पर्यावरणीय मंजूरी भी मिल चुकी है। रनवे के विस्तार से ए-३२० जैसे बड़े विमानों का संचालन संभव हो सकेगा, जिससे देश के प्रमुख महानगरों के साथ मेघालय की सीधी हवाई कनेक्टिविटी स्थापित होगी।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने ‘आरसीएस-उड़ान’ योजना के तहत तुरा स्थित बाल्जेक एयरपोर्ट के चरणबद्ध विकास पर बल दिया। इस योजना की शुरुआत १९-सीटर विमानों के संचालन से होगी, जिसे बाद में एटीआर-७२ और ए-३२० विमानों के संचालन तक विस्तारित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री संगमा ने मेघालय के विभिन्न हिस्सों में नए हेलिपोर्ट के निर्माण और उमियम झील (उमियम लेक) में एक ‘वाटर एयरोड्रोम’ के विकास के लिए मंजूरी की मांग की। यह पहल वर्ष २०२४ में सफलतापूर्वक आयोजित किए गए सी-प्लेन प्रदर्शन की सफलता पर आधारित है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, ये उड्डयन परियोजनाएं मेघालय में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी, पर्यटन को बढ़ावा देंगी और राज्य के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होंगी।









