नई दिल्ली: अनुसंधान एवं विकास में निरंतर निवेश तथा भारत में उत्पादन पहल के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए महिंद्रा एंड महिंद्रा ने कहा है कि पिछले एक दशक में कंपनी को प्राप्त पेटेंटों की संख्या में २० गुना से अधिक वृद्धि हुई है।
कंपनी के अनुसार, २०१६ वित्त वर्ष में जहाँ ५६ पेटेंट स्वीकृत हुए थे, वहीं २०२६ वित्त वर्ष में यह संख्या बढ़कर १३३४ हो गई है, जो कंपनी की नवाचार क्षमता में उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाती है।
मार्च २०२६ तक कंपनी द्वारा दाखिल कुल पेटेंट आवेदनों की संख्या २७२८ रही है। इनमें से १३৩४ पेटेंट स्वीकृत हुए हैं, जिनमें ६० प्रतिशत ऑटोमोबाइल कारोबार से तथा ४० प्रतिशत कृषि कारोबार से संबंधित हैं।
कंपनी ने बताया कि पेटेंट में परिवर्तित होने की दर में भी पिछले दस वर्षों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। २०१६ वित्त वर्ष में यह दर ८ प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर ६५ प्रतिशत से अधिक हो गई है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के अनुसार यह प्रगति उसकी अनुसंधान एवं विकास क्षमताओं के निरंतर विस्तार को दर्शाती है, जिससे कंपनी अपने ग्राहकों को अधिक उन्नत तकनीकी उत्पाद एवं सेवाएँ प्रदान करने में सक्षम हुई है।
पेटेंट के अतिरिक्त, कंपनी ने नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कार भी प्राप्त किए हैं, जिनमें सर्वोत्तम पेटेंट पोर्टफोलियो सम्मान, शीर्ष नवाचार कंपनी का पुरस्कार, उद्योग–शैक्षणिक साझेदारी हेतु राष्ट्रीय सम्मान तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय स्तर के नवाचार पुरस्कार शामिल हैं।










