कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने निर्वाचन आयोग पर तीखा प्रहार करते हुए उसे एक राजनीतिक दल द्वारा संचालित “तुगलकी आयोग” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया जा रहा है।
राज्य सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का दुरुपयोग कर लगभग 58 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा आघात है और इससे आम मतदाताओं को अनुचित रूप से निशाना बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के दौरान तार्किक विसंगतियों का हवाला देकर मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार के अधिकारियों को निशाना बनाया गया तो सरकार उनका पूर्ण समर्थन करेगी।
साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि एसआईआर से जुड़े दबाव और चिंताओं के कारण कई लोगों की जान गई है। निर्वाचन आयोग की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।





