बेल्दा (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर समाज के विभिन्न वर्गों में विभाजन पैदा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी इस माहौल का फायदा उठाकर देश को “लूटना” चाहती है।
पश्चिम मेदिनीपुर जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पेश किए गए सियासी “आरोपपत्र” पर कड़ी आपत्ति जताई। बनर्जी ने कहा कि पहला आरोपपत्र मोदी और शाह के खिलाफ होना चाहिए, जिन्होंने “दंगे भड़काकर सत्ता हासिल की।”
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रशासन, पुलिस सेवाओं और अन्य क्षेत्रों में हिंदू-मुस्लिम के बीच विभाजन पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि कई सरकारी अधिकारियों का अपमान किया जा रहा है और चुनाव आयोग के दबाव में उनका “मनमाने ढंग से” तबादला किया गया।
बनर्जी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है, जबकि भाजपा “पाखंडी” है। उन्होंने नोटबंदी के दौरान हुई मौतों और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मुसलमानों, हिंदुओं और आदिवासियों के नाम हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि तृणमूल कांग्रेस ऐसे लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करेगी। रैली में राज्य सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बनर्जी ने कहा कि पिछले १५ वर्षों में कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की गईं, जिनमें किसी भी धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया गया।
साथ ही उन्होंने केंद्र पर मनरेगा, आवास और सड़क योजनाओं के लिए फंड रोकने का आरोप लगाया और राज्य के “दो लाख करोड़ रुपये” बकाया जारी करने की मांग की। बनर्जी ने भाजपा पर रोजगार के वादे पूरे न करने का भी आरोप लगाया और लोगों से अपील की कि यदि चुनाव में टीएमसी हारती है तो भाजपा “सब कुछ छीन लेगी।”









