कोलकाता: मजबूत चौथी तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित होने के बाद बन्धन बैंक के शेयर में लगभग १० प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। खुदरा सेवाओं में सुधार और परिसंपत्तियों की गुणवत्ता बेहतर होने से निवेशकों का विश्वास उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है।
बैंक द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, तिमाही शुद्ध लाभ वर्ष-दर-वर्ष लगभग ६८ प्रतिशत बढ़कर ५३४ करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस वृद्धि के पीछे खुदरा बैंकिंग गतिविधियों का बेहतर प्रदर्शन, कोषागार आय में सुधार तथा गैर-निष्पादित ऋणों पर नियंत्रण में सफलता प्रमुख कारण रहे। इससे बैंक के मुख्य व्यवसाय में स्थिरता के संकेत मिलते हैं।
परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार इस तिमाही की एक प्रमुख विशेषता रही। सकल गैर-निष्पादित ऋण अनुपात ३.३३ प्रतिशत से घटकर ३.२७ प्रतिशत पर आ गया, जो ऋण वसूली में सुधार का संकेत देता है। हालांकि कुल सकल गैर-निष्पादित ऋण राशि बढ़कर ५,०१९.५५ करोड़ रुपये हो गई, फिर भी अनुपात में कमी यह दर्शाती है कि कुल ऋण वृद्धि की गति समस्याग्रस्त ऋणों की वृद्धि से अधिक रही। इसी प्रकार शुद्ध गैर-निष्पादित ऋण अनुपात ०.९९ प्रतिशत से घटकर ०.९७ प्रतिशत हो गया, जो ऋण निगरानी और वसूली दक्षता में सुधार को दर्शाता है।
बन्धन बैंक का समग्र प्रदर्शन उसकी व्यावसायिक रणनीति में बदलाव का संकेत देता है। परंपरागत रूप से सूक्ष्म ऋण आधारित पोर्टफोलियो के लिए पहचाने जाने वाला यह बैंक अब अपेक्षाकृत सुरक्षित और विविध ऋण व्यवस्था पर अधिक ध्यान दे रहा है। इससे जोखिम कम हो रहा है और लाभप्रदता बढ़ रही है। बैंक ने बताया कि बेहतर वसूली व्यवस्था और सूक्ष्म ऋण क्षेत्र में स्थिरता ने आय वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
व्यवसाय विस्तार के मोर्चे पर भी बैंक ने सकारात्मक परिणाम दिखाए हैं। कुल ऋण १३ प्रतिशत बढ़कर १.५४ लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो स्थिर ऋण मांग का संकेत देता है। कुल जमा १० प्रतिशत बढ़कर १.६६ लाख करोड़ रुपये हो गया, जो ग्राहकों के विश्वास और तरलता की स्थिति में सुधार को दर्शाता है। विशेष रूप से खुदरा जमा में ४६ प्रतिशत वृद्धि हुई, जबकि थोक ऋण खंड में ३३ प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो संतुलित विकास को दर्शाती है।
आवास ऋण खंड में भी ८ प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो ऋण पोर्टफोलियो के विविधीकरण की रणनीति को मजबूत करता है। इससे असुरक्षित सूक्ष्म ऋण पर निर्भरता कम हो रही है और समग्र जोखिम प्रोफाइल बेहतर हो रहा है।
कारोबार के दौरान शेयर का मूल्य लगभग १९६.५ रुपये तक पहुंच गया, जो समग्र बाजार की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन है। जहां प्रमुख बाजार सूचकांक में मामूली वृद्धि देखी गई, वहीं इस शेयर ने उल्लेखनीय बढ़त हासिल की। कारोबार की मात्रा भी पिछले ३० दिनों के औसत से काफी अधिक रही, जो परिणाम घोषणा के बाद निवेशकों की बढ़ी हुई रुचि को दर्शाती है।
दीर्घकाल में भी इस शेयर का प्रदर्शन स्थिर रहा है। पिछले १२ महीनों में लगभग १७ प्रतिशत और चालू वर्ष में करीब ३५ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो बैंक की मूलभूत मजबूती और रणनीतिक बदलावों पर बाजार के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
विश्लेषकों का रुख सतर्क आशावादी बना हुआ है। कुल २८ विश्लेषकों में से १६ ने खरीद की सलाह दी है, ८ ने बनाए रखने और ४ ने बेचने की सलाह दी है। हालांकि समग्र दृष्टिकोण सकारात्मक है, लेकिन अगले १२ महीनों के लिए औसत लक्ष्य मूल्य १८६ रुपये होने से यह संकेत मिलता है कि कुछ सकारात्मक अपेक्षाएं पहले ही वर्तमान मूल्य में शामिल हो चुकी हैं।











