कोलकाता: मगध शुगर एंड एनर्जी लिमिटेड के निदेशक मंडल ने ११ मई २०२६ को आयोजित बैठक में ३१ मार्च २०२६ को समाप्त तिमाही एवं वित्तीय वर्ष के अनऑडिटेड वित्तीय परिणामों को अभिलेख में लिया।
वित्तीय एवं परिचालन मुख्य तथ्य-
तिमाही परिणाम (चतुर्थ तिमाही)~
कुल आय: २९३ करोड़ रुपये, पिछले वर्ष इसी अवधि में ३५६ करोड़ रुपये
इबिट्डा: ८१ करोड़ रुपये, पिछले वर्ष १১৬ करोड़ रुपये।
कर पश्चात लाभ: ४९ करोड़ रुपये, पिछले वर्ष ७२ करोड़ रुपये
वार्षिक परिणाम (पूर्ण वर्ष)
कुल आय: १,२४९ करोड़ रुपये, पिछले वर्ष १,३२५ करोड़ रुपये
इबिट्डा: १५१ करोड़ रुपये, पिछले वर्ष २१४ करोड़ रुपये
कर पश्चात लाभ: ६४ करोड़ रुपये, पिछले वर्ष १०९ करोड़ रुपये
निदेशक मंडल ने प्रति इक्विटी शेयर १२ रुपये ५० पैसे लाभांश की सिफारिश की है, जो अंकित मूल्य के अनुसार १२५ प्रतिशत है।
कंपनी की टिप्पणी~
कंपनी के अध्यक्ष सी एस नोपानी ने बताया कि बिहार सरकार ने चीनी उद्योग के पुनरुद्धार के लिए एक व्यापक रूपरेखा शुरू की है, जिसमें कृषि-औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और तकनीक के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक एवं क्षेत्रीय आर्थिक दबावों के कारण चीनी की कीमतों में कमजोरी रही, जबकि कच्चे माल की लागत बढ़ने से मार्जिन पर दबाव पड़ा। अनियमित वर्षा के कारण गन्ने की उपज भी प्रभावित हुई, जिससे उत्पादन क्षमता का पूर्ण उपयोग नहीं हो सका।
इसके बावजूद चीनी, एथेनॉल और विद्युत सह-उत्पादन क्षेत्रों में विविधीकृत संचालन के कारण कंपनी स्थिर नकदी प्रवाह बनाए रखने में सफल रही।
नरकटियागंज इकाई में क्रशिंग क्षमता वृद्धि और भाप बचत उपायों के लागू होने के बाद कंपनी एक नई चीनी परिशोधन इकाई स्थापित कर रही है, जिससे मूल्य संवर्धन बढ़ेगा और प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत होगी।









