भारत के लिए तीनों प्रारूपों में सफल होना चाहते हैं कप्तान शुभमन गिल

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नई दिल्ली: भारतीय टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल ने बताया कि उनका लक्ष्य भारत के लिए तीनों प्रारूपों में आईसीसी ट्रॉफी जीतना है। वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच की पूर्व संध्या पर गिल ने कहा कि लगातार तीनों प्रारूपों में खेलना शारीरिक थकान के साथ मानसिक थकान भी ला सकता है।
गिल ने कहा, “मैदान पर खेलते समय मुझसे कुछ अपेक्षाएँ होती हैं और मेरे अपने लक्ष्य भी हैं। यह एक बड़ी चुनौती है, जिसे मैं पूरा करना चाहता हूं। मैं भारत के लिए तीनों प्रारूपों में खेलना और सफल होना चाहता हूं। आईसीसी ट्रॉफी जीतना मेरा लक्ष्य है। यह चुनौतीपूर्ण काम होगा, लेकिन मैं इसे पूरा करूँगा।”
टेस्ट टीम के कप्तान के रूप में इंग्लैंड दौरे पर शानदार प्रदर्शन करने के बाद गिल अब टी२० इंटरनेशनल टीम के उपकप्तान भी हैं। इसके साथ ही उन्होंने वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में जीत हासिल की और वनडे टीम के कप्तान भी नियुक्त किए गए। भारतीय टीम प्रबंधन वर्तमान में भविष्य को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रहा है, जबकि रोहित शर्मा अब केवल खिलाड़ी के रूप में वनडे टीम में हैं।
आने वाले साल भारतीय क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण होंगे। अगले साल भारत में टी२० वर्ल्ड कप आयोजित होगा। इसके अलावा, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप २०२५–२७ शुरू हो चुका है और २०२७ में दक्षिण अफ्रीका में आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप भी होना है। गिल ने बताया कि उन्हें वनडे टीम की कप्तानी का अवसर टेस्ट मैच से कुछ समय पहले ही पता चला था। उन्होंने इसे एक बड़ी जिम्मेदारी और सम्मान बताया और कहा कि वह वनडे टीम की कप्तानी को लेकर उत्साहित हैं।
गिल ने यह भी स्पष्ट किया कि रोहित शर्मा और विराट कोहली २०२७ वर्ल्ड कप की योजनाओं का हिस्सा नहीं हैं। रोहित और कोहली ने टी२० इंटरनेशनल और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है और अब केवल वनडे मैच खेलते हैं। गिल ने कहा कि उन्होंने रोहित और कोहली से कप्तानी में सीखने वाले कई गुण सीखे हैं। उनके अनुभव और कौशल का लाभ युवा खिलाड़ियों को मिलेगा।
भारतीय क्रिकेट टीम का कैलेंडर काफी व्यस्त है। टेस्ट सीरीज के बाद टीम ऑस्ट्रेलिया जाएगी, जहां ३ वनडे और ५ टी२० इंटरनेशनल मैचों की सीरीज खेली जाएगी। ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद भारत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ २ टेस्ट मैचों की घरेलू सीरीज खेलेगा। ऐसे में गिल का तीनों प्रारूपों में भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

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