देवेंद्र के. ढुंगाना
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने रक्षा, व्यापार और कूटनीति के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग के साथ-साथ दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच उच्चस्तरीय मुलाकातों में भी तेजी आने का उल्लेख किया।
गोर के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आगामी जी-२० शिखर सम्मेलन के दौरान जिन नेताओं से सबसे पहले मिलना चाहेंगे, उनमें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रमुख हो सकते हैं। उन्होंने इसके पीछे ट्रंप और मोदी के बीच व्यक्तिगत संबंधों तथा दोनों देशों के बीच लगातार मजबूत हो रहे सहयोग को प्रमुख कारण बताया।
गोर ने कहा कि दिसंबर में अमेरिका के फ्लोरिडा में होने वाले जी-२० शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी केवल सम्मेलन तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। हालांकि, ट्रंप और मोदी के बीच औपचारिक द्विपक्षीय बैठक होगी या नहीं, इस बारे में अभी तक कोई अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।
गोर ने कहा, “राष्ट्रपति प्रधानमंत्री को अपना मित्र मानते हैं। इसलिए मेरा अनुमान है कि उनकी यह यात्रा केवल समूह बैठक तक सीमित नहीं रहेगी।”
ट्रंप को अब भी याद है भारत दौरा
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने यह संकेत भी दिया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले वर्ष फिर से भारत का दौरा कर सकते हैं। उनके अनुसार, ट्रंप वर्ष दो हजार बीस में की गई अपनी भारत यात्रा को आज भी सकारात्मक रूप से याद करते हैं।
गोर ने कहा, “जब भी मैं उनसे बात करता हूं, वह भारत की अपनी यात्रा को बेहद आत्मीयता से याद करते हैं। वह वहां के शानदार अनुभव, जिन लोगों से उन्होंने मुलाकात की और अपने प्रिय मित्र प्रधानमंत्री को विशेष रूप से याद करते हैं।”
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण मे
गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद समझौते के कुछ हिस्सों की समीक्षा की जा रही है, लेकिन दोनों देश अब भी समझौते के काफी करीब हैं।
उन्होंने कहा, “सुप्रीम कोर्ट के दुर्भाग्यपूर्ण फैसले के बाद व्यापार समझौते पर फिर से काम किया जा रहा है, लेकिन हम समझौते के बेहद करीब हैं।”
गोर ने उम्मीद जताई कि अगले कुछ महीनों में व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर के व्यापार समझौते पर बातचीत में समय लगना स्वाभाविक है।
उनके अनुसार, “लोग मुझसे पूछते हैं—‘एक साल हो गया।’ लेकिन यूरोपीय संघ बीस वर्षों से अधिक समय से बातचीत कर रहा है और अभी तक समझौता पूरा नहीं हुआ है। हम कई अन्य साझेदारों की तुलना में काफी आगे हैं।”
अमेरिकी राजदूत ने कहा कि प्रस्तावित व्यापार समझौता भारत और अमेरिका दोनों के लिए लाभदायक होगा। उनके अनुसार, नई दिल्ली और वाशिंगटन दोनों इस समझौते से पैदा होने वाले आर्थिक अवसरों को महत्वपूर्ण मानते हैं।
द्विपक्षीय व्यापार पांच सौ अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य
वर्तमान में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब दो सौ चालीस अरब अमेरिकी डॉलर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आने वाले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार को पांच सौ अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
सर्जियो गोर के हालिया बयानों से संकेत मिलता है कि भारत-अमेरिका संबंधों में रक्षा और कूटनीति के साथ-साथ व्यापारिक सहयोग को भी उच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
यदि जी-२० शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और ट्रंप के बीच उच्चस्तरीय बैठक होती है, तो दोनों देशों के बीच भविष्य के सहयोग और रणनीतिक संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा होने की उम्मीद है।





