लंदन: ब्रिटेन की राजनीति में गुरुवार को एक बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है, जिसने देश के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। बढ़ते वैश्विक खतरों के बीच सेना पर किए जा रहे खर्च को लेकर नाराज चल रहे देश के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को भेजे अपने इस्तीफे में जॉन हीली ने सरकार की रक्षा नीति और बजट को लेकर अपनी गहरी असहमति व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि मौजूदा दौर में वैश्विक सुरक्षा चुनौतियां और खतरे जिस तेजी से बढ़ रहे हैं, उसके मुकाबले ब्रिटेन का रक्षा निवेश बेहद नाकाफी और जरूरत से काफी कम है। इस खतरनाक दौर में ब्रिटेन की सुरक्षा आवश्यकताओं को देखते हुए सरकार को रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की सख्त जरूरत थी।
रक्षा मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के बीच रक्षा बजट को लेकर लंबे समय से खींचतान और मतभेद की खबरें आ रही थीं, जिसके कारण सरकार की नई रक्षा निवेश योजना के प्रकाशन में भी लगातार देरी हो रही थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोप में बढ़ते सुरक्षा जोखिम, रूस-यूक्रेन संघर्ष और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच रक्षा खर्च पर सरकार के भीतर यह आपसी मतभेद अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। जॉन हीली का इस्तीफा ऐसे नाजुक समय पर आया है जब ब्रिटेन अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति को मजबूत करने और सैन्य क्षमताओं के विस्तार पर जोर दे रहा है, जिससे अब प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की सरकार पर रक्षा बजट बढ़ाने का दबाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में ब्रिटेन की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा नीतियों को लेकर एक नई और गंभीर बहस को जन्म दे सकता है।










