नई दिल्ली : भारत सरकार ने बीसीजी , खसरा तथा खसरा-रूबेला वैक्सीन की अधिकतम कीमतों में लगभग २१ प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। यह फैसला सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा दायर समीक्षा याचिका के बाद लिया गया है।
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने बीसीजी वैक्सीन की अधिकतम कीमत प्रति खुराक ८.२० रुपये से बढ़ाकर ९.८९ रुपये कर दी है। इसी प्रकार, खसरा वैक्सीन की कीमत ५१.४० रुपये से बढ़ाकर ६२ रुपये तथा खसरा-रूबेला (एमआर) वैक्सीन की कीमत ७२.९० रुपये से बढ़ाकर ८७.९३ रुपये प्रति वायल निर्धारित की गई है।
यह निर्णय एनपीपीए द्वारा दिसंबर 2024 में जारी आदेश की समीक्षा के बाद लिया गया है। उस आदेश के तहत औषधि (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 2013 के प्रावधानों के अनुसार बाजार में एकाधिकार की स्थिति को देखते हुए संबंधित वैक्सीनों की कीमतों में 17.1 प्रतिशत की कटौती की गई थी। इसके बाद वैक्सीन निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने इस फैसले की समीक्षा की मांग की थी।
कंपनी का तर्क था कि वैक्सीनों की तुलना सामान्य दवाओं से नहीं की जा सकती। कंपनी के अनुसार, वैक्सीन निर्माण प्रक्रिया अधिक जटिल, उच्च तकनीक आधारित और लंबे शोध एवं गुणवत्ता परीक्षण पर निर्भर होती है, जिससे इसकी लागत संरचना पारंपरिक दवाओं से अलग होती है। इसके अलावा, वैक्सीनों का चिकित्सीय उपयोग, आपूर्ति व्यवस्था और बाजार की परिस्थितियां भी विशेष प्रकृति की होती हैं, जिन्हें मूल्य निर्धारण के दौरान ध्यान में रखा जाना चाहिए।
समीक्षा याचिका पर विचार करने के बाद सरकार ने उत्पादन लागत, सार्वजनिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं और आपूर्ति व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नई कीमतें निर्धारित की हैं। माना जा रहा है कि इस फैसले से वैक्सीन निर्माताओं को राहत मिलेगी और सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए वैक्सीन की निरंतर एवं सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।









