बागडोगरा: आज सांसद राजू बिष्ट को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ बागडोगरा के गोसाइपुर हवाई अड्डा मैदान में आयोजित नौवें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में भाग लेने का अवसर मिला।
सामाजिक माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार सांसद ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन संथाल समुदाय का एक वैश्विक समागम है और यह दक्षिण एशिया के सबसे बड़े आदिवासी समूहों में से एक है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में भारत, बांग्लादेश, नेपाल सहित विभिन्न देशों के विद्वान, नेता तथा समुदाय के सदस्य एकत्र होते हैं और संथाल भाषा, संस्कृति तथा पहचान को आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं।
सांसद ने कहा कि इस सम्मेलन में आदिवासी अधिकार, शिक्षा और सामाजिक विकास के विषयों पर चर्चा की जाती है तथा संथाल विरासत के संरक्षण के साथ नेतृत्वकर्ताओं का सम्मान किया जाता है। विशेष रूप से संथाल हूल विद्रोह के साहसी नेताओं सिधु और कान्हू मुर्मू को स्मरण कर सम्मानित किया जाता है।

इसके अतिरिक्त सांसद ने कहा कि आदिवासी समुदाय दार्जिलिंग पहाड़, तराई और डूआर्स क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक संरचना का अभिन्न अंग है। संथालों ने अपनी समृद्ध परंपरा, भाषा, त्योहार, संगीत और नृत्य को संरक्षित रखा है और इस क्षेत्र के सांस्कृतिक वातावरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आज भी संथाल समुदाय दार्जिलिंग, तराई और डूआर्स क्षेत्र की आदिवासी सांस्कृतिक विविधता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
सांसद ने आगे कहा कि इस क्षेत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति से वे स्वयं को सम्मानित महसूस करते हैं। भारत की पहली अनुसूचित जनजाति समुदाय से निर्वाचित राष्ट्रपति के रूप में एक शिक्षिका से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुँचने की उनकी यात्रा अत्यंत प्रेरणादायक है।

सांसद ने बताया कि राष्ट्रपति का जीवनवृत्त पूरे देश के लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुका है। विशेष रूप से इस क्षेत्र के आदिवासी और कम प्रतिनिधित्व वाले समुदायों के लोगों को बड़े सपने देखने और सार्थक परिवर्तन के लिए कार्य करने की प्रेरणा देता है।









