कोलकाता: कोलकाता में दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के जीवन को उज्ज्वल बनाने के उद्देश्य से एक बड़ा और सराहनीय कार्य हुआ है। विशेष बच्चों को शिक्षा, खेल और विभिन्न कौशल सिखाकर आत्मनिर्भर बनाने में लंबे समय से सक्रिय सामाजिक संस्था ‘उनमिष’ और ‘विशेष ओलंपिक भारत’ के बीच आपसी सहयोग के लिए एक ऐतिहासिक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते पर उनमिष की संस्थापिका नीता दीवान और विशेष ओलंपिक भारत की अध्यक्ष डॉ. मल्लिका नड्डा ने हस्ताक्षर किए।
समझौता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. मल्लिका नड्डा ने कहा कि आने वाले दिनों में दोनों संस्थाएं मिलकर दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा में लाने और उनके भीतर छिपी अनुपम प्रतिभा को पहचान कर निखारने के लिए कम्मर कसकर काम करेंगी। स्वास्थ्य, खेल और शिक्षा को बेहतर जीवन का मजबूत आधार स्तंभ बताते हुए उन्होंने खेल के माध्यम से इन बच्चों का आत्मबल और भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
इसी क्रम में भावुक होते हुए उनमिष की निर्देशिका नीता दीवान ने कहा कि आज का दिन उनके जीवन का एक ऐतिहासिक और सपना साकार होने जैसा दिन है। अपने विशेष पुत्र निकुंज की प्रेरणा से इस सामाजिक कार्य में जुटने की ऊर्जा मिलने की बात याद करते हुए उन्होंने समाज के सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने विशेष बच्चों को छुपाने के बजाय सामान्य बच्चों की तरह स्वीकार करें और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने के योग्य बनाएं। उन्होंने जानकारी दी कि संस्था में बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए आज से ही ‘हाइड्रोथेरेपी’ (जल चिकित्सा) और विशेष खेल सुविधाएं भी शुरू की गई हैं।
इस सुखद अवसर पर पद्मश्री सम्मान से विभूषित उद्योगपति एवं समाजसेवी सज्जन भजनका ने विश्वास जताया कि दोनों संस्थाओं का यह सहयोग विशेष बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव लाएगा। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल विशेष ओलंपिक भारत के अध्यक्ष पवन कुमार पाटोदिया, अभिनेता अर्जुन चक्रवर्ती, आलोका नंदा राय, गीता मांडविया सहित कई उद्योगपति, समाजसेवी और गणमान्य हस्तियां उपस्थित थीं। उपस्थित सभी अतिथियों ने इस नई और पवित्र शुरुआत की सफलता की कामना करते हुए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।










