नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सोमवार को दिल्ली स्थित बंग भवन के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों से तीखी बहस हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) से प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी आई हैं, न कि किसी आंदोलन के लिए।
रविवार को दिल्ली पहुंचीं ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल सरकार के आधिकारिक अतिथि गृह बंग भवन पहुंचीं, जहां एसआईआर से प्रभावित परिवार ठहरे हुए हैं। बंग भवन के बाहर भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी।
मुख्यमंत्री को सुरक्षाकर्मियों से सीधे संवाद करते और एसआईआर से प्रभावित बंगाल के लोगों के प्रति संवेदनशील रहने का आग्रह करते देखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बंग भवन में ठहरे लोगों को धमकाया जा रहा है।
मीडिया से बातचीत में बनर्जी ने कहा, “हमारा मामला सुप्रीम कोर्ट में है और निर्वाचन आयोग से हमारी बैठक भी तय है। लोगों की मौत हो चुकी है, क्या उनके परिजन मीडिया से बात भी नहीं कर सकते?” उन्होंने बताया कि सोमवार दोपहर एसआईआर मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से उनकी मुलाकात निर्धारित है।
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में एसआईआर से प्रभावित परिवार जहां भी ठहरे हैं, वहां दिल्ली पुलिस तैनात कर दी गई है। “दिल्ली में धमाके होते हैं तो दिल्ली पुलिस कहां होती है?” यह सवाल उठाते हुए उन्होंने शीर्ष पदों पर बैठे लोगों को जिम्मेदार ठहराया।
“मैं दिल्ली पुलिस को दोष नहीं देती, बल्कि ऊपर बैठे लोगों को दोष देती हूं। यह अक्षमता है,” उन्होंने कहा। बनर्जी ने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर बंगाल और आम जनता को प्रताड़ित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके दिल्ली आने से सत्तापक्ष घबरा जाता है और दिल्ली अब “जमींदारी की तरह” हो गई है, जहां गरीबों के लिए कोई जगह नहीं बची है। उन्होंने यह भी कहा कि वह आंदोलन करने नहीं आई हैं और यदि ऐसा होता तो हालात अलग होते।
एसआईआर के खिलाफ ममता बनर्जी पहले ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुकी हैं। पुलिस ने बताया कि चाणक्यपुरी स्थित बंग भवन और मंडी हाउस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।









