नई दिल्ली: फीफा विश्वकप २०२६ के विजेताओं को इस बार प्रतिष्ठित सुनहरी ट्रॉफी और गोल्ड मेडल के अलावा एक अनोखा और ऐतिहासिक तोहफा मिलने जा रहा है। फीफा ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि टूर्नामेंट के चैंपियंस को खास तौर पर तैयार की गई चैंपियनशिप रिंग (अंगूठी) दी जाएगी। ९६ साल के फीफा इतिहास में यह पहली बार है जब किसी विजेता टीम को इस तरह की रिंग से सम्मानित किया जाएगा। यह नई परंपरा अमेरिकी खेल संस्कृति से प्रेरित है। रविवार, १९ जुलाई (स्थानीय समयानुसार) को न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी स्टेडियम में स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले महामुकाबले के बाद यह खास सम्मान दिया जाएगा।
टूर्नामेंट की याद को हमेशा के लिए संजोने के लिए फीफा ने कुल २,०२६ रिंग तैयार करवाई हैं, जिन पर विशिष्ट नंबर अंकित होंगे। विजेता टीम के खिलाड़ियों और मुख्य कोच के लिए ३० रिंग आरक्षित रखी गई हैं और बची हुई १,९९६ रिंग्स को दुनिया भर के फुटबॉल फैंस के लिए ‘ऑफिशियल लाइसेंस्ड प्रोडक्ट’ के तौर पर बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा। इस खास अंगूठी के एक तरफ फीफा विश्व कप ट्रॉफी का हुबहू डिजाइन होगा, जबकि दूसरी तरफ विजेता देश की पहचान और कस्टमाइज्ड विवरण दर्ज होंगे। हर अंगूठी के साथ उसकी शुद्धता और असली होने का प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
फाइनल मैच के ठीक बाद मैदान पर जश्न के दौरान विजेता टीम के कप्तान और हेड कोच को केवल अस्थायी रिंग पहनाई जाएगी। बाद में सभी ३० सदस्यों की उंगलियों के सटीक नाप के हिसाब से फाइनल रिंग तैयार कर उन्हें सौंपी जाएगी। मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ २-१ से रोमांचक जीत हासिल कर लगातार दूसरी बार फाइनल में प्रवेश किया है। दूसरी ओर स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फ़्रांस को २-० से हराया और २०१० के बाद पहली बार फीफा वर्ल्ड कप फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की की है।











