फीफा वर्ल्ड कप २०२६: फेरान टोरेस के निर्णायक गोल से अर्जेंटीना को हराकर स्पेन बना विश्व चैंपियन

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​नेत्र बिक्रम बिमली

स्पेन ने डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना को अतिरिक्त समय (एक्स्ट्रा टाइम) में १-० से हराकर फीफा विश्वकप २०२६ का खिताब अपने नाम कर लिया है।
​रविवार रात अमेरिका के न्यूजर्सी स्थित मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए बेहद रोमांचक फाइनल मुकाबले में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी के तौर पर मैदान में उतरे फेरान टोरेस स्पेन के लिए हीरो साबित हुए। उन्होंने मैच के १०६वें मिनट में अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज को छकाते हुए शानदार गोल दागा। इसी एकमात्र गोल की बदौलत स्पेन १६ साल बाद दोबारा विश्व कप जीतने में सफल रहा। इससे पहले स्पेन ने २०१० में अपनी पहली ट्राफी जीती थी।
​मेसी का सपना टूटा, एंजो को रेड कार्ड
​३९ वर्षीय कप्तान लियोनेल मेसी का लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतने का सपना इस हार के साथ ही टूट गया। स्पेन की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने मेसी पूरे मैच के दौरान संघर्ष करते नजर आए और कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ सके।
​मैच जब एक्स्ट्रा टाइम की ओर बढ़ रहा था, तब अर्जेंटीना के मिडफिल्डर एंजो फर्नांडीज ने स्पेन के युवा डिफेंडर पाउ कुबार्सी पर एक खतरनाक फाउल किया। इसके चलते उन्हें दूसरा येलो (रेड) कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर कर दिया गया। १० खिलाड़ियों के साथ खेल रही अर्जेंटीना पर स्पेन ने पूरी तरह दबाव बना लिया।

​मजबूत डिफेंस और बेहतरीन टीम वर्क
​पूरे टूर्नामेंट में महज एक गोल खाने वाली स्पेनिश टीम ने फाइनल में भी अपनी मजबूत रक्षात्मक रणनीति और स्पष्ट खेल शैली का परिचय दिया। स्पेन की टीम केवल लामिन यमल जैसे स्टार खिलाड़ियों पर निर्भर न रहकर एक मुकम्मल टीम के रूप में खेली। गौरतलब है कि मैच के बीच में मडोना, बीटीएस और शकीरा जैसे वैश्विक कलाकारों के २७ मिनट लंबे ‘हाफ-टाइम शो’ के कारण खेल कुछ देर के लिए रुका रहा था।
​इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही स्पेन फुटबॉल इतिहास में दूसरी बार विश्व विजेता बना है, जबकि मेसी और अर्जेंटीना का खिताबी जीत के साथ विदा लेने का सपना अधूरा रह गया।

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