​फीफा वर्ल्ड कप में खेलने को तैयार भारतीय मूल के चार फुटबॉलर

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नई दिल्ली: भारत के लिए फीफा वर्ल्ड कप में खेलना अभी एक सपना ही बना हुआ है, लेकिन १२ जून से शुरू होने वाले फुटबॉल के सबसे बड़े टूर्नामेंट में भारतीय मूल के ४ फुटबॉलर मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं। ये ४ खिलाड़ी सरप्रीत सिंह, सैमुअल मौतौसामी, निशान वेलुपिल्ले और तहसीन मोहम्मद अब फ्रांस के मिडफील्डर विकास धोरासू के पदचिह्नों पर चलने जा रहे हैं। धोरासू ने जर्मनी में आयोजित २००६ के वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया था। धोरासू के पूर्वज आंध्र प्रदेश के विजयनगरम के निवासी थे।
​अल्कालैंड में पंजाबी माता-पिता के घर जन्मे सरप्रीत सिंह २०१८ में मुंबई में इंटरकॉन्टिनेंटल कप के दौरान भारत में खेले थे। उन्होंने उसी साल न्यूजीलैंड के लिए पदार्पण किया था। उस ४ देशीय टूर्नामेंट में भारत चैंपियन बना था और न्यूजीलैंड ने तीसरा स्थान हासिल किया था। इसके एक साल बाद सरप्रीत जर्मनी के पहले डिवीजन में खेलने वाले भारतीय मूल के पहले खिलाड़ी बने। उन्होंने २०१९ में बायर्न म्यूनिख के लिए डेब्यू किया था। वह ऑस्ट्रेलियाई ए-लीग टीम वेलिंगटन फीनिक्स से बायर्न म्यूनिख में शामिल हुए थे। सरप्रीत २०१९-२० सीजन में बुंडेसलीगा चैंपियन बनने वाली टीम का हिस्सा थे। मिडफील्डर सरप्रीत पुर्तगाल और सर्बिया में भी क्लब फुटबॉल खेल चुके हैं। इस साल फरवरी में चोट लगने के कारण वह ८ सप्ताह तक मैदान से बाहर रहे थे। चोट से उबरने के बाद सरप्रीत ने न्यूजीलैंड की २६ सदस्यीय वर्ल्ड कप टीम में जगह बनाई है। उन्होंने न्यूजीलैंड के लिए २४ मैच खेलकर ३ गोल किए हैं। सरप्रीत ने २०१७ और २०१९ में फीफा अंडर-२० वर्ल्ड कप भी खेला था।
​सैमुअल मौतौसामी का जन्म फ्रांस में हुआ था। उनकी माता कांगो मूल की और पिता तमिल मूल के हैं। फीफा के नियमों के अनुसार, कोई खिलाड़ी किसी राष्ट्रीय टीम के लिए तभी खेल सकता है जब उसके जैविक माता-पिता या दादा-दादी, नाना-नानी का जन्म उस देश में हुआ हो। इसके अलावा खिलाड़ी के पास उस देश का पासपोर्ट भी होना चाहिए। २९ वर्षीय मिडफील्डर सैमुअल वर्तमान में ग्रीस के सुपर लीग क्लब एटरोमिटोस के लिए खेल रहे हैं। वह कांगो की सीनियर राष्ट्रीय टीम के लिए अब तक ५७ मैच खेल चुके हैं।
​निशान वेलुपिल्ले की माता एंग्लो-इंडियन और पिता श्रीलंकाई मूल के तमिल हैं। २५ वर्षीय विंगर वेलुपिल्ले ऑस्ट्रेलिया की २६ सदस्यीय टीम में शामिल उन १७ खिलाड़ियों में से एक हैं जो फीफा वर्ल्ड कप में अपना पदार्पण करने जा रहे हैं। वेलुपिल्ले ऑस्ट्रेलिया की शीर्ष स्तरीय ए-लीग में मेलबर्न विक्ट्री का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने अक्टूबर २०२४ में वर्ल्ड कप क्वालिफाइंग राउंड के दौरान ऑस्ट्रेलिया के लिए डेब्यू किया था। चीन के खिलाफ उस मैच में स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतरकर उन्होंने गोल भी किया था। उन्होंने अब तक ऑस्ट्रेलिया के लिए ७ मैच खेलकर ३ गोल किए हैं और ये सभी गोल वर्ल्ड कप क्वालिफायर में आए हैं।
​तहसीन मोहम्मद जमशेद का जन्म दोहा में मलयाली माता-पिता के घर हुआ था, जो २००६ में कन्नूर से कतर गए थे। वह १६ जून को २० साल के हो जाएंगे। तहसीन के पिता जमशेद कालीकट विश्वविद्यालय के पूर्व खिलाड़ी थे। तहसीन ने दोहा स्थित एस्पायर एकेडमी में अपने फुटबॉल कौशल को निखारा और कतर स्टार्स लीग में खेलने वाले भारतीय मूल के पहले खिलाड़ी बने। फिलहाल वह अल दुहैल एससी के लिए खेलते हैं। विंगर तहसीन ने फीफा वर्ल्ड कप क्वालिफायर ग्रुप मैच के दौरान २०२४ में अफगानिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में पदार्पण किया था। उन्होंने जिम्बाब्वे (२०२५) और आयरलैंड (२०२६) के खिलाफ २ अंतरराष्ट्रीय मैत्रीपूर्ण मैच भी खेले हैं, हालांकि उन्होंने अब तक कोई गोल नहीं किया है।

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