नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किए जाने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने २६ दिनों से जारी अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है।
गुरुवार देर रात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में मेदांता अस्पताल में वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ा।
’नीट’ पेपर लीक के खिलाफ और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर वांगचुक २८ जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। अनशन के २१वें दिन (१८ जुलाई) तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले सफदरजंग और बाद में दिल्ली हाई कोर्ट की अनुमति से मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया था।
अनशन समाप्त करने के बाद वांगचुक ने कहा, “विभिन्न राजनीतिक दलों के ६५ सांसदों के आग्रह, सरकार के साथ वार्ता और देश में सम्भावित हिंसा को ध्यान में रखते हुए मैंने यह कदम उठाया है।” उन्होंने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील भी की।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो संदेश जारी कर कहा था कि युवाओं का भविष्य सरकार की पहली प्राथमिकता है और कैबिनेट जल्द ही परीक्षा में धांधली करने वालों पर कठोर कानून व ‘फास्ट-ट्रैक कोर्ट’ जैसे कड़े कदमों का ऐलान करेगी।











