सिलीगुड़ी कॉरिडोर और दार्जिलिंग क्षेत्र के विकास को मिलेगी रफ्तार
सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल की माननीय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता और माननीय केंद्रीय रेल मंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में राज्य की रेल परियोजनाओं को लेकर एक वर्चुअल समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दार्जिलिंग क्षेत्र और सिलीगुड़ी कॉरिडोर से जुड़ी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। रेल मंत्री ने कोलकाता मेट्रो की प्रगति को रेखांकित करते हुए बताया कि जहां १९७२ से २०१४ के बीच केवल २८ किमी मेट्रो लाइन बनी थी, वहीं २०१४ से २०२६ के बीच ४५ किमी नई लाइन का निर्माण पूरा किया जा चुका है। बैठक में दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी, पटना और सिलीगुड़ी को जोड़ने वाले प्रस्तावित हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर भी मंथन हुआ, जिससे दिल्ली से सिलीगुड़ी की यात्रा का समय घटकर मात्र छह घंटे रह जाएगा। इसके अलावा, हुगली के दानकुनी से गुजरात के सूरत तक ईस्ट-वेस्ट फ्रेट और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर तथा न्यू जलपाईगुड़ी (एनजेपी) को पूर्वोत्तर क्षेत्र को जोड़ने वाला बड़ा रेलवे हब बनाने की योजनाओं की घोषणा की गई।
बैठक में पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार के समय से रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर लंबित कई रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) और रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) की समीक्षा की गई, जो जन सुरक्षा और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बेहद जरूरी हैं। मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में पश्चिम बंगाल सरकार ने अब इन सभी लंबित परियोजनाओं के लिए एनओसी, भूमि अधिग्रहण और अन्य आवश्यक मंजूरियों को तेजी से पूरा करने का पूरा भरोसा दिया है। बागडोगरा-गुल्मा बाईपास के निर्माण को लेकर चर्चा हुई कि चूंकि प्रस्तावित रेल लाइन घनी आबादी वाले क्षेत्रों से गुजरती है, इसलिए स्थानीय लोगों पर इसके प्रभाव को कम करने के लिए वैकल्पिक मार्गों की तलाश की जा रही है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) क्षेत्र में २० किलोमीटर लंबी भूमिगत रेलवे ट्रैक का निर्माण, अलुआबारी-एनजेपी खंड को ४ लाइनों में अपग्रेड करना, ठाकुरगंज-सिलीगुड़ी रेल लाइन का दोहरीकरण और सिलीगुड़ी-एनजेपी दोहरीकरण परियोजना को गति देना रेलवे की मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल है। इस क्षेत्र के सामरिक महत्व को देखते हुए खुद माननीय प्रधानमंत्री इन महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं, जो भविष्य में इस क्षेत्र की आर्थिक और रणनीतिक ताकत को नई दिशा देंगे।











