दार्जिलिंग: दार्जिलिंग लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के सांसद राजू बिष्ट ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव राष्ट्रपति शासन के तहत कराए जाने चाहिए।
उन्होंने बताया कि वह जल्द ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर राज्य की वर्तमान स्थिति के बारे में उन्हें अवगत कराएंगे।
भारतीय जनता पार्टी के इस सांसद ने यह बात सिलीगुड़ी के पास दार्जिलिंग जिले के गोसाईपुर में आयोजित नौवें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कही। इस सम्मेलन का आयोजन अंतरराष्ट्रीय संथाल परिषद ने किया था, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थीं।
उन्होंने कहा कि वह पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था की स्थिति के बारे में राष्ट्रपति को जानकारी देंगे और उनसे अनुरोध करेंगे कि राष्ट्रपति शासन के तहत विधानसभा चुनाव कराने के विषय पर विचार किया जाए।
राजू बिष्ट ने कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में चल रहे धरने की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विरोध वास्तविक मतदाताओं के हितों की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि घुसपैठ करने वालों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से किया जा रहा है।
इस बीच सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कार्यक्रम की व्यवस्था को लेकर हल्का असंतोष भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संथाल समुदाय के कई सदस्य सम्मेलन कक्ष के बाहर घूमते हुए दिखाई दे रहे थे और ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उन्हें अंदर प्रवेश करने से रोका गया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में संथाल समुदाय के सभी सदस्यों की खुली भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए थी।
अपने संबोधन में उन्होंने संथाल समुदाय की वीरता की परंपरा को भी याद किया। उन्होंने कहा कि लगभग २४० वर्ष पहले उनके पूर्वज तिलका मांझी ने उत्पीड़न के खिलाफ विद्रोह का झंडा उठाया था।
राष्ट्रपति ने कहा कि संथाल समुदाय अन्याय को स्वीकार नहीं करता और उत्पीड़न के विरुद्ध दृढ़ता से संघर्ष करता है। उन्होंने कहा कि संथाल लोग बहादुर लोगों का समुदाय हैं और उन्हें अपने गौरवशाली इतिहास पर गर्व होना चाहिए।










