कोलकाता: पश्चिम बंगाल के प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों में मिड-डे मील के तहत छात्रों को दिए जाने वाले १२ अतिरिक्त अंडे और मौसमी फल का वितरण राज्य के अधिकांश जिलों में पूरा नहीं हो सका है।
जानकारी के मुताबिक, केवल कोलकाता, ईस्ट बर्दवान, नदिया और साउथ २४ परगना जिलों के छात्रों को ही यह सुविधा मिल पाई है। बाकी जिलों के स्कूल अधिकारियों का कहना है कि प्रशासनिक कमी के कारण यह योजना लागू नहीं हो सकी।
शिक्षा विभाग के मिड-डे मील विभाग ने १७ फरवरी को निर्देश जारी कर छात्रों को अतिरिक्त अंडे और फल देने की घोषणा की थी। हालांकि जिलेवार नोटिफिकेशन जारी नहीं होने के कारण पंचायत या नगरपालिका के माध्यम से स्कूलों तक आवश्यक धनराशि नहीं पहुंच सकी।
शिक्षा मिशन के एक अधिकारी के अनुसार, औपचारिक नोटिफिकेशन के बिना इस तरह की गाइडलाइन को लागू करना संभव नहीं होता।
इस बीच नॉर्थ २४ परगना के नारायणदास बांगुर स्कूल के हेडमास्टर संजय बरुआ ने कहा कि स्कूल प्रशासन मार्च से अतिरिक्त अंडे देने के लिए तैयार था, लेकिन उन्हें अब तक स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया कि छुट्टियों और केंद्रीय बलों की ड्यूटी के कारण समय भी कम बचा है।
दमदम के ऋषि अरबिंदो विद्या मंदिर के प्रिंसिपल असीम कुमार नंदा ने कहा कि नगरपालिकाएं आमतौर पर लाभार्थियों की सूची तैयार करती हैं, लेकिन अतिरिक्त अंडे के वितरण को लेकर अब तक कोई आधिकारिक आदेश नहीं मिला है।
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के करीब १.१ करोड़ छात्रों में से अब तक लगभग ७४ लाख ७५ हजार यानी करीब ६७ प्रतिशत छात्रों को ही अतिरिक्त अंडे और फल मिल पाए हैं। मार्च महीने में १७, २०, २१,२६ और ३१ मार्च को छुट्टियां होने और केंद्रीय बलों की तैनाती के कारण वितरण पर और असर पड़ सकता है।









