नई दिल्लीः उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत अब तक हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया है। अदालत ने कहा कि ३१ मार्च तक प्राप्त लगभग 60 लाख आपत्तियों में से ४७.४ लाख का निपटारा किया जा चुका है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि प्रतिदिन लगभग १.७५ लाख से २ लाख मामलों का निपटारा किया जाना सकारात्मक संकेत है। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली भी शामिल थे।
अदालत को बताया गया कि निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने से संबंधित अपीलों की सुनवाई के लिए १९ अपीलीय न्यायाधिकरण गठित किए हैं। इनकी अध्यक्षता उच्च न्यायालयों के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीश कर रहे हैं।
अदालत ने निर्देश दिया कि इन न्यायाधिकरणों को सभी आवश्यक अभिलेखों तक पूर्ण पहुंच दी जाए और संबंधित पक्षों को भी निर्णय के आधार उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही, बिना सत्यापन के नए दस्तावेज स्वीकार करने से बचने को कहा गया।
पीठ ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनकी अपीलों पर अंतिम निर्णय अपीलीय न्यायाधिकरण करेंगे। साथ ही, निर्वाचन अधिकारी भी कथित गलत प्रविष्टियों के खिलाफ अपील कर सकेंगे।
अदालत ने न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को मानदेय एवं अन्य भुगतान समय पर सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया।
इस मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर अगली सुनवाई ६ अप्रैल को होगी। अदालत ने संकेत दिया कि लंबित आपत्तियों का निपटारा ७ अप्रैल तक पूरा हो सकता है।










