कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव २०२६ अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान के बाद आज दूसरे चरण में १४२ सीटों पर वोटिंग हो रही है, जो सत्ता की दिशा तय कर सकती है। ये सभी सीटें दक्षिण बंगाल के उन इलाकों में हैं जिन्हें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का मजबूत गढ़ माना जाता है, जबकि भाजपा इसे भेदने के लिए पूरी ताकत झोंक चुकी है।
यह चरण ‘गढ़ बनाम चुनौती’ की सीधी लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। उत्तर २५ परगना (३३ सीट), दक्षिण २४ परगना (३१ सीट), कोलकाता (११ सीट) और हावड़ा (१६ सीट) जैसे जिले मिलकर ९१ सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो कुल २९४ सीटों का लगभग एक तिहाई हिस्सा है। यही कारण है कि इन क्षेत्रों को ‘किंगमेकर’ माना जाता है।
पहले चरण में १५२ सीटों पर करीब ९३ प्रतिशत मतदान हुआ था। भाजपा ने इसे बदलाव के पक्ष में जनमत बताया है, जबकि टीएमसी ने भी बड़े बहुमत का दावा किया है। अगर टीएमसी अपने गढ़ को बचाने में सफल रहती है तो भाजपा के लिए सत्ता तक पहुंचना मुश्किल होगा, लेकिन भाजपा की मजबूत बढ़त चुनाव का परिणाम बदल सकती है।
जिलेवार सीटों में उत्तर २४ परगना (३३), दक्षिण २४ परगना (३१), हुगली (१८), नदिया (१७), हावड़ा (१६), पूर्व बर्धमान (१६) और कोलकाता (११) शामिल हैं। कुल मिलाकर १४२ सीटों पर आज का मतदान चुनाव का ‘गेम चेंजर’ माना जा रहा है।










