काठमांडू: नेपाल के विपक्षी दल इस बात पर अड़ गए हैं कि जब तक प्रधानमंत्री सदन में उपस्थित नहीं होते, तब तक संसद की कार्यवाही स्थगित रखी जाए। मुख्य विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि जब तक प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह प्रतिनिधि सभा में आकर जवाब नहीं देते, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इसी गतिरोध के चलते गुरुवार को भी विपक्षी सांसदों ने सदन के भीतर जमकर नारेबाजी की और विधायी कार्यों को बाधित किया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से भाग रही है।
प्रतिनिधि सभा में पार्टी के मुख्य सचेतक निष्कल राई ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री की मौजूदगी सुनिश्चित होने तक विपक्ष अपना कड़ा रुख बरकरार रखेगा। राई ने सदन के अध्यक्ष डोल प्रसाद अर्याल से आग्रह किया कि वे संसद के संरक्षक के रूप में अपनी भूमिका निभाएं और प्रधानमंत्री को सदन में उपस्थित होने के लिए निर्देशित करें। उन्होंने अध्यक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जाना चाहिए क्योंकि यह संसदीय गरिमा से जुड़ा विषय है।
प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए निष्कल राई ने कहा कि संसद की इस तरह उपेक्षा करना न केवल लापरवाही है, बल्कि यह संसदीय प्रणाली के प्रति सरकार की उदासीनता को भी दर्शाता है। उन्होंने सत्ता पक्ष के सांसदों की भी आलोचना की और उन पर इस गंभीर मामले को सामान्य दिखाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। विपक्ष के इस कड़े रुख के कारण सदन में तनाव बना हुआ है और आने वाले दिनों में भी विधायी कामकाज प्रभावित होने की संभावना है।










