नीट परीक्षा से पहले सिक्योरिटी टाइट, पेपर लीक करने वालों को फास्ट ट्रैक कोर्ट से कड़ी सजा की तैयारी

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​नई दिल्ली: आगामी २१ जून को होने वाले नीट-यूजी २०२६ री-एग्जाम को लेकर दिल्ली के गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है। मंगलवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खुद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) मुख्यालय का दौरा किया और परीक्षा की तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। शिक्षा मंत्री ने साफ लहजे में निर्देश दिया है कि परीक्षा के नतीजे तय समय के भीतर ही घोषित किए जाएं ताकि बच्चों को आगे एडमिशन लेने में कोई दिक्कत न आए।
​पेपर लीक मामले में देश का भरोसा तोड़ने वाले दोषियों पर बरसते हुए मंत्री ने कहा कि पेपर सेट करने और अनुवाद कार्य से जुड़े जिन लोगों ने गद्दारी की है, उन पर क्रिमिनल केस तो चलेगा ही, साथ ही सिविल लायबिलिटी के तहत भी सख्त एक्शन लिया जाएगा। सीबीआई इस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में जल्द सुनवाई कराकर ऐसी मिसाल कायम की जाएगी कि आगे कोई ऐसा करने की हिम्मत न करे।
​दूसरी तरफ, संसद की स्टैंडिंग कमेटी ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए आज बुधवार को ही उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सचिवों समेत एनटीए और एनएमसी के आला अफसरों को तलब किया है। एनटीए ने छात्रों के लिए एग्जाम सिटी स्लिप पहले ही जारी कर दी है और जल्द ही एडमिट कार्ड भी लाइव कर दिए जाएंगे। इसी बीच, ७ जून को खत्म हुई सीयूईटी-यूजी परीक्षा का रिजल्ट भी २१ जून के बाद जल्द जारी करने की बात कही गई है। परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए एनटीए के ढांचे में नए अधिकारियों को शामिल किया गया है और आईबी (IB) समेत साइबर सुरक्षा टीमों को भी काम पर लगा दिया गया है।

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