नार्वे को हराकर फ्रांस बना ग्रुप विजेता, सेनेगल की उम्मीदें बरकरार

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बोस्टन: फीफा वर्ल्ड कप २०२६ में ग्रुप ‘आई’ के अंतिम मुकाबलों में फ्रांस और सेनेगल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। फ्रांस ने एकतरफा मुकाबले में नार्वे को ४-१ से शिकस्त देकर ग्रुप विजेता के रूप में नॉकआउट राउंड में अपनी जगह पक्की की। इस मैच को खेल जगत में मुख्य रूप से नार्वे के स्टार फॉरवर्ड एर्लिंग हालैंड और फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे के बीच श्रेष्ठता की जंग के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन मैदान पर सारी सुर्खियां उस्मान डेम्बेले ने बटोरीं। फ्रांस के स्टार विंगर डेम्बेले ने मैच में शानदार हैट्रिक जमाकर नार्वे की चुनौती को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। पेरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) के इस दिग्गज खिलाड़ी ने मैच के ७वें, २०वें और ३२वें मिनट में गोल दागकर मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा बना दिया।
​इस हैट्रिक के साथ ही डेम्बेले वर्ल्ड कप के इतिहास में फ्रांस की ओर से हैट्रिक लगाने वाले तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं; इससे पहले जस्ट फोंटेन ने १९५८ में २ बार और किलियन एम्बाप्पे ने २०२२ वर्ल्ड कप में १ बार यह कारनामा किया था। मैच के दौरान नार्वे की तरफ से २१वें मिनट में थियो आसगार्ड ने एकमात्र गोल किया, लेकिन वे फ्रांस के दबदबे को कम नहीं कर सके। फ्रांस ने ५७ प्रतिशत बॉल पजेशन के साथ मैच पर अपनी पकड़ मजबूत रखी और अंत में डेसिरे डुए ने इंजरी टाइम के चौथे मिनट में एक और गोल कर फ्रांस की ४-१ से जीत सुनिश्चित कर दी। इस जीत के साथ फ्रांस ३ मैचों में ९ अंकों के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि नार्वे ६ अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। हालांकि दोनों टीमें पहले ही नॉकआउट में पहुंच चुकी थीं, लेकिन ग्रुप टॉपर बनने के लिहाज से यह मैच बेहद अहम था। फ्रांस ने इससे पहले सेनेगल को ३-१ और इराक को ३-० से हराया था, वहीं २८ साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी करने वाला नार्वे उपविजेता के रूप में आगे बढ़ा है। इस मैच में नार्वे ने अपने स्टार खिलाड़ी एर्लिंग हालैंड को आराम दिया था। अब राउंड ऑफ ३२ में फ्रांस का सामना स्वीडन से होगा, जबकि नार्वे की टीम आइवरी कोस्ट से भिड़ेगी।
​दूसरी ओर, इसी ग्रुप के एक अन्य करो या मरो के मुकाबले में सेनेगल ने इराक को ५-० से करारी शिकस्त देकर नॉकआउट राउंड में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा है। ग्रुप के इस अंतिम मैच में सेनेगल को न केवल जीत बल्कि एक बड़े गोल अंतर की जरूरत थी, जिसे टीम ने बखूबी हासिल किया। मैच में ६९ प्रतिशत बॉल पजेशन के साथ खेलने वाली सेनेगल की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और हबीब डियारा ने चौथे मिनट में ही टीम को बढ़त दिला दी। इसके बाद इराक के खिलाड़ी रेबिन सुलाका को रेड कार्ड मिलने के कारण मैदान छोड़ना पड़ा, जिससे इराक की टीम १० खिलाड़ियों पर सिमट गई। हाफ टाइम तक १-० से आगे रहने के बाद सेनेगल ने दूसरे हाफ में गोलों की बौछार कर दी। इस्माइला सार ने ५६वें मिनट में दूसरा गोल किया, जिसके बाद पापे गुये ने ५९वें और ७१वें मिनट में लगातार २ गोल दागकर स्कोर ४-० कर दिया। अंत में इलिमान एंडियाये ने ८२वें मिनट में लंबी दूरी से एक शानदार गोल कर सेनेगल को ५-० से ऐतिहासिक जीत दिलाई। इस बड़ी जीत से सेनेगल ने अपने गोल अंतर में सुधार किया है और वह ३ मैचों में ३ अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है। अब सेनेगल के पास तीसरे स्थान पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ टीमों में शामिल होकर नॉकआउट राउंड में प्रवेश करने की पूरी संभावना बनी हुई है।

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