कोलकाता: अभिषेक बनर्जी ने नंदीग्राम को “अपवित्र” से “पवित्र” बनाने का आह्वान करते हुए चुनावी अभियान में तीखे तेवर दिखाए। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “अगले २५ दिन आप नंदीग्राम की जिम्मेदारी लें, अगले ५ साल की जिम्मेदारी मैं लेता हूं।”
नंदीग्राम, जो २०२१ विधानसभा से लेकर २०२४ लोकसभा चुनाव तक बंगाल की राजनीति का केंद्र रहा है, वहीं खड़े होकर उन्होंने विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने इस बार “भूमिपुत्र” पवित्र कर को उम्मीदवार बनाया है, जो जनता के बीच रहेंगे, जबकि मौजूदा विधायक क्षेत्र में सक्रिय नहीं हैं। ‘भीतरघात’ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसी के नाम के साथ ‘गद्दार’ शब्द जुड़ जाए तो उसे सोचना चाहिए।
अभिषेक बनर्जी ने कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी कि व्यक्तिगत अहंकार के कारण पार्टी को नुकसान हुआ तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार के दावे पर भी तंज कसते हुए कहा कि विधायक, सांसद और केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार होने के बावजूद नंदीग्राम को कोई खास फायदा नहीं मिला।
उन्होंने लोगों से “जोड़ाफूल” (टीएमसी का चुनाव चिन्ह) के सिंगल इंजन पर भरोसा जताने की अपील की। सांप्रदायिक राजनीति पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर समाज में विभाजन फैलाया जा रहा है। साथ ही आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने नंदीग्राम के शहीद परिवारों को श्रद्धांजलि तक नहीं दी।
‘सेवाश्रय’ शिविर की सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने वादा किया कि पवित्र कर की जीत होने पर हर ग्राम पंचायत में मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। केंद्रीय एजेंसियों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि डराने-धमकाने से पार्टी पीछे नहीं हटेगी और कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि पार्टी उनके साथ खड़ी है।
अंत में उन्होंने संकेत दिया कि ४ तारीख के बाद नंदीग्राम में जीत का जश्न मनाया जाएगा और यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र में किसी तरह की गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।










