ट्रैफिक गार्ड की सतर्कता से नाबालिग बालिका का तस्करी का प्रयास विफल‎‎

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सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी जंक्शन ट्रैफिक गार्ड की सतर्कता से संदिग्ध मानव तस्करी का एक प्रयास विफल कर दिया गया। एक अनाथ किशोरी को रेड-लाइट क्षेत्र की ओर बहकाने के आरोप में बचाया गया। बाद में उसे सुरक्षित रूप से एक आश्रय गृह भेज दिया गया।‎रिपोर्ट के अनुसार, लगभग १५ वर्षीय यह किशोरी बिहार के कटिहार क्षेत्र के एक अनाथालय से शिलिगुड़ी जंक्शन पहुंची थी और वहां से असम जाने के लिए निकली थी। इसी दौरान कुछ संदिग्ध व्यक्तियों ने उसे शिलिगुड़ी के वार्ड संख्या ०७ स्थित रेड-लाइट क्षेत्र की ओर ले जाने का प्रयास किया।‎जानकारी के अनुसार, एक ई-रिक्शा चालक ने उसे गुमराह कर यह कहकर अपने वाहन में बैठाया कि वह उसे अनाथालय ले जाएगा, लेकिन वास्तव में उसका इरादा उसे किसी और दिशा में ले जाने का था। इस घटना को देखकर एक स्थानीय व्यक्ति ने संदेह जताया और तुरंत ट्रैफिक गार्ड को सूचना दी।‎सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तत्परता से किशोरी को बचा लिया। हालांकि आरोपी ई-रिक्शा चालक मौके से फरार हो गया।‎इसके बाद किशोरी को दार्जिलिंग जिला विधिक सहायता मंच को सौंप दिया गया। मंच के अध्यक्ष अधिवक्ता अमित सरकार ने पश्चिम बंगाल बाल संरक्षण आयोग के साथ समन्वय किया और प्राणनगर थाने की सहायता से उसे सुरक्षित आश्रय गृह भेजने की व्यवस्था की।‎पुलिस अधिकारी उपनिरीक्षक तमांग ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मानव तस्करी की संभावना के संकेत मिले हैं। किशोरी को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।‎पुलिस फरार आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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