वॉशिंगटन: अमेरिका की उच्च सदन ‘सीनेट’ में डेमोक्रेटिक पार्टी के तीन सांसदों ने सरकार से लगभग १७५ अरब अमेरिकी डॉलर के शुल्क की रिफंड (वापसी) प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि ये शुल्क राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा अवैध आदेशों के आधार पर लिए गए थे।
ओरेगन प्रांत से सेनेटर रॉन वायडेन, मैसाचुसेट्स से एड मार्की और न्यू हैम्पशायर से जीन शाहीन सोमवार को एक विधेयक पेश करेंगे। इसमें प्रस्ताव है कि अमेरिका का सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा विभाग १८० दिन के भीतर शुल्क लौटाए और इस पर ब्याज भी दे।
विधेयक में यह भी प्रस्ताव है कि छोटे व्यवसायों को प्राथमिकता दी जाए और आयातकों, थोक विक्रेताओं और बड़ी कंपनियों को अपने ग्राहकों तक यह रिफंड पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। वायडेन ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रम्प के अवैध शुल्क ने पहले ही अमेरिकी परिवारों, छोटे व्यवसायों और निर्माताओं को लंबे समय तक नुकसान पहुंचाया है।”
शाहीन ने जोर दिया कि शुल्कों के कारण हुई क्षति की पूर्ति तभी हो सकती है जब “राष्ट्रपति ट्रम्प अवैध रूप से वसूले गए शुल्क वापस करें।” मार्की ने कहा कि छोटे व्यवसायों के पास सीमित संसाधन हैं और रिफंड प्रक्रिया जटिल व समय लेने वाली हो सकती है।
अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय की एक पीठ ने ६-३ बहुमत से फैसला किया कि ट्रम्प का आपातकालीन शक्तियों का कानून (आईईपीए, १९७७) के तहत आयात शुल्क लगाना वैध नहीं था।










