नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को चेतावनी दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप ने संकेत दिया कि यदि ईरान अमेरिकी मांगों को नहीं मानता है, तो उसके नए नेता को भी निशाना बनाया जा सकता है।
अमेरिका की मुख्य मांग है कि ईरान अपना परमाणु हथियार कार्यक्रम पूरी तरह समाप्त करे। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यदि तेहरान सहयोग नहीं करता, तो कार्रवाई संभव है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की किसी भी संभावित कार्रवाई में इज़राइल की भूमिका प्रमुख हो सकती है।
हाल ही में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का २८ फरवरी को निधन हो गया। उनके बाद इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर के समर्थन से उनके पुत्र मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना गया।
मोजतबा खामेनेई ५६ वर्ष के हैं और उन्होंने पहले कोई सरकारी पद नहीं संभाला था, लेकिन वे लंबे समय से अपने पिता के करीबी सलाहकार रहे हैं। अमेरिकी राजनयिक दस्तावेजों में उन्हें कभी-कभी “पावर बिहाइंड द रोब्स” कहा गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बयानों से मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है।









