नई दिल्ली: जापान के आइची-नागोया में होने वाले आगामी एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय क्रिकेटर आयोजन समिति द्वारा तय किए गए आवास में ही ठहरेंगे। क्रिकेटरों को आमतौर पर विदेशी दौरों पर मिलने वाली पांच सितारा होटल की आवास सुविधा जापान में हासिल नहीं होगी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस बारे में जानकारी दी है।
शुक्ला ने बताया कि नागोया में शीर्ष श्रेणी के होटलों की कमी के कारण क्रिकेटरों के ठहरने के स्थान को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन आवास को लेकर कोई समस्या नहीं है और बीसीसीआई तथा खिलाड़ी वर्तमान व्यवस्था से संतुष्ट हैं। भारतीय दल के विदाई समारोह के दौरान शुक्ला ने कहा, “आयोजक जो सुविधा दे रहे हैं, हम वहीं ठहरेंगे। खिलाड़ियों को किस प्रकार का आवास दिया जाएगा, इस बात पर हमने लगातार ध्यान दिया है ताकि उन्हें कोई असुविधा न हो। निश्चित रूप से पांच सितारा सुविधा न होने के बावजूद आवास अच्छा और आरामदायक है। क्रिकेटरों के लिए तय किए गए आवास के वीडियो और तस्वीरें हमने मंगवाई हैं। मेरे विचार में आवास आरामदायक है। खिलाड़ी वहीं ठहरेंगे क्योंकि दूसरा विकल्प ओसाका या टोक्यो में ठहरना था, जो काफी दूर हैं।”
इसी तरह भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने भी आवास से जुड़ी समस्या का समाधान होने की जानकारी दी है। उषा ने कहा, “कोई समस्या नहीं है। हमने होटल पहले ही बुक करा लिए हैं। हम हर खिलाड़ी के लिए अलग-अलग होटल रूम बुक नहीं कर सकते क्योंकि वहां खिलाड़ियों के लिए खेल गांव जैसी व्यवस्था नहीं है। आयोजक क्रूज (जहाज) और छोटे-छोटे विला में आवास की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं।”
शुक्ला ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय क्रिकेटरों को कमरा साझा (शेयर) नहीं करना पड़ेगा और उनके लिए अलग-अलग कमरे रहेंगे। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम २० सितंबर को टोक्यो के लिए रवाना होगी और २२ सितंबर को जापान के खिलाफ ऐतिहासिक टी२० मैच खेलेगी। वहीं महिला क्रिकेट टीम 18 मार्च से सीधे क्वार्टर फाइनल से अपने अभियान की शुरुआत करेगी।
शुक्ला ने कहा, “नागोया में अधिक संख्या में होटल न होना ही मुख्य समस्या थी। टोक्यो बुलेट ट्रेन से भी लगभग १.५ घंटे (डेढ़ घंटे) की दूरी पर है और ओसाका भी उतना ही दूर है। इसके अलावा कुछ टीमों को टोक्यो और कुछ को ओसाका में रखना भी सही नहीं होता। इसी कारण हमने आयोजकों द्वारा नागोया में प्रदान किए जाने वाले आवास में ही ठहरने का फैसला लिया।”
शुक्ला ने आवास से जुड़े मुद्दों को अधिक तवज्जो न देते हुए कहा कि असली चिंता मैदान, पिच और ड्रेसिंग रूम की स्थिति को लेकर होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “सबसे बड़ा मुद्दा मैदान, पिच और ड्रेसिंग रूम का है। एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) की निरीक्षण टीम ने नागोया का दौरा करके वहां के इंतजामों पर संतोष व्यक्त किया है। आयोजकों ने भी काम किया है, लेकिन नई परिस्थितियों में खेलना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है।”





