गोसाइँकुण्ड के महत्व से जुड़ा गोसाइँस्थान

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काभ्रेपलाञ्चोक: काभ्रेपलाञ्चोक के बनेपा स्थित गोसाइँस्थान को धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल तथा रसुवा के गोसाइँकुण्ड तीर्थाटन से जुड़ा हुआ माना जाता है।
गोसाइँस्थान में श्रावण शुक्ल पूर्णिमा अर्थात आज भव्य मेला लग रहा है। आज जनै पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन के अवसर पर स्थानीय लोगों के साथ-साथ पड़ोसी जिलों से आए श्रद्धालु भी जात्रा में शामिल हुए हैं।
बनेपा नगरपालिका-६ स्थित गोसाइँस्थान में हर वर्ष जनै धारण करने तथा शिव मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। विभिन्न पड़ोसी जिलों से यहां आने वाले श्रद्धालु पैदल यात्रा करके यहां पहुंचना पसंद करते हैं। इस स्थान पर हिंदू और बोन धर्म की परंपराओं के अनुसार पूजा और दर्शन किए जाते हैं। हिंदू धार्मिक संस्कार के अनुसार यहां स्थित शिव मंदिर में पूजा की जाती है तथा ब्राह्मणों से रक्षाबंधन और टीका लगवाया जाता है।
इसी प्रकार तामाङ समुदाय के लोग तथा ‘झाँक्री’ ढ्याङ्ग्रो बजाकर विभिन्न विधियों से पूजा और दर्शन करते हैं। नेवार समुदाय द्वारा ‘अन्तपात’ चढ़ाने, ब्राह्मण समुदाय द्वारा जनै पहनने और हाथ में रक्षाबंधन (डोरो) बांधने की परंपरा है। जात्रा के दौरान महिला और पुरुष तामाङ सेलो गाकर अपने मन की भावनाओं का आदान-प्रदान करते हुए मनोरंजन करते हैं।
धार्मिक आस्था की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस मेले में काभ्रेपलाञ्चोक के अलावा काठमांडू, ललितपुर, भक्तपुर और सिन्धुपाल्चोक से भी श्रद्धालु आते हैं। गोसाइँस्थान संरक्षण समिति के अध्यक्ष भेषराज शाह ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष गोसाइँस्थान क्षेत्र को अधिक व्यवस्थित बनाया गया है। उनके अनुसार ‘लॉकडाउन’ के बाद से हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। जात्रा के दौरान बनेपा के बुडोल से ही सड़क के दोनों किनारों पर व्यापारिक गतिविधियां काफी बढ़ जाती हैं।
स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, जो लोग रसुवा स्थित गोसाइँकुण्ड तक नहीं पहुंच पाते, वे बनेपा के गोसाइँस्थान में जाकर दर्शन करने की परंपरा निभाते हैं। स्थानीय निवासी भैरव केसी ने कहा, “गोसाइँकुण्ड पहुंचने में असमर्थ लोग यहां गोसाइँस्थान में दर्शन और स्नान करने से अपनी मनोकामना पूरी होने का विश्वास रखते हैं।”
बाजार क्षेत्र बनेपा से उत्तर-पूर्व दिशा में हरियाली के बीच स्थित गोसाइँस्थान की पहाड़ी धार्मिक तथा पर्यापर्यटन की दृष्टि से प्रसिद्ध मानी जाती है। व्यापारिक क्षेत्र बनेपा और पर्यटकीय स्थल धुलिखेल के बीच स्थित गोसाइँस्थान अपने आप में बेहद मनमोहक है। इसके अलावा, पहाड़ी के ऊंचे स्थान पर बना दृश्यावलोकन स्तंभ इस क्षेत्र को और अधिक लोकप्रिय बनाता है। संस्कृत गुरुकुल विद्यालय के संचालन से भी यहां की गतिविधियां बढ़ी हैं।
हर शुक्रवार और शनिवार दृश्यावलोकन स्तंभ तथा आसपास के प्राकृतिक मनमोहक स्थलों की सैर करने के लिए बड़ी संख्या में लोग आने लगे हैं। स्थानीय निवासी दीपक कार्की के अनुसार, “गोसाइँस्थान और दृश्यावलोकन स्तंभ क्षेत्र तक जाने वाली सड़क, सीढ़ियों तथा अन्य भौतिक संरचनाओं के निर्माण से यहां घूमने आने वालों की संख्या बढ़ रही है।”
इस स्थान पर वर्तमान में नया मुक्तिनाथ मंदिर और हनुमान मंदिर बनाया गया है तथा घंटियां भी लगाई गई हैं। रामायण भजन के लिए भवन और पक्के शौचालय का भी निर्माण किया गया है। समिति के अनुसार यहां उद्यान निर्माण की तैयारी चल रही है। यहां से हाइकिंग करते हुए एक अन्य प्रसिद्ध पर्यटकीय स्थल नगरकोट तक भी पहुंचा जा सकता है।

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