काेचबिहार (पश्चिम बंगाल): कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पश्चिम बंगाल के काेचबिहार में एक विशाल चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला। खड़गे ने केंद्र सरकार पर महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
आरक्षण की बाधाएं और देरी
खड़गे ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने खुद महिला आरक्षण विधेयक की मूल भावना को खत्म करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि २०२३ में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ केवल एक चुनावी नारा बनकर रह गया है क्योंकि इसे जनगणना और परिसीमन की कठिन शर्तों के साथ जोड़ा गया है। खड़गे के अनुसार, इन शर्तों के कारण यह कानून २०३४ से पहले जमीन पर नहीं उतर पाएगा, जो देश की आधी आबादी के साथ सीधा विश्वासघात है।
इतिहास और विपक्ष की भूमिका
प्रधानमंत्री द्वारा विपक्ष पर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए खड़गे ने कहा कि कांग्रेस कभी महिला आरक्षण की विरोधी नहीं रही। उन्होंने याद दिलाया कि ३०१० में यूपीए सरकार के दौरान राज्यसभा में यह बिल पास हो चुका था। उन्होंने सरोजिनी नायडू से लेकर सोनिया गांधी तक का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को नेतृत्व की अग्रिम पंक्ति में रखा है। विपक्ष का विरोध केवल उस “परिसीमन” के खिलाफ है जिसे भाजपा अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करना चाहती है।
बंगाल चुनाव और अकेले लड़ने का संकल्प
मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस इस बार अकेले मैदान में उतर रही है। प्रधानमंत्री के लगातार बंगाल दौरों पर तंज कसते हुए उन्होंने पूछा कि क्या वे राज्य के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं? खड़गे ने आरोप लगाया कि भाजपा के चुनावी भाषणों का उद्देश्य समाज में ध्रुवीकरण और तनाव पैदा करना है, जिससे लोकतंत्र कमजोर हो रहा है।








