कोलकाता में स्वास्थ्य खर्च और अवकाश (सेवानिवृत्ति) योजना को लेकर बढ़ती चिंता

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कोलकाता: भारत में वित्तीय दबाव, स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताएं, काम–जीवन संतुलन की चुनौतियां और व्यापक सामाजिक कारणों के प्रभाव से अनिश्चितता का स्तर लगातार ऊंचा बना हुआ है। राष्ट्रीय अनिश्चितता सूचकांक ७९ है, जो दर्शाता है कि आर्थिक प्रगति के बावजूद वित्तीय तैयारी, स्वास्थ्य सेवाओं की वहन क्षमता और दीर्घकालिक स्थिरता को लेकर लोगों की चिंताएं बनी हुई हैं। ये आदित्य बिरला सन लाइफ इंश्योरेंस के अनिश्चितता सूचकांक २.० के प्रमुख निष्कर्ष हैं।
कोलकाता का अनिश्चितता सूचकांक ८५ दर्ज किया गया है, जिससे यह शहर देश के सबसे अधिक चिंताग्रस्त शहरी केंद्रों में शामिल हो गया है। यहां अनिश्चितता के मुख्य कारणों में सुरक्षा संबंधी चिंता, बढ़ता स्वास्थ्य खर्च और दीर्घकालिक वित्तीय योजना को लेकर असमंजस सामने आया है। बढ़ते अपराध का डर सबसे बड़ी चिंता के रूप में उभरा है, इसके बाद स्वास्थ्य सेवाओं की लागत और पर्याप्त अवकाश (सेवानिवृत्ति) योजना का अभाव प्रमुख कारण बने हैं।
निवासियों ने यह भी चिंता जताई है कि मुद्रास्फीति उनकी बचत को धीरे-धीरे कम कर रही है, बुजुर्गों की देखभाल पर खर्च बढ़ रहा है, बुढ़ापे में आर्थिक स्वतंत्रता हासिल कर पाने को लेकर संदेह बना हुआ है, तथा नौकरी छूटने या गंभीर बीमारी जैसी आपात स्थितियों से निपटने की उनकी क्षमता सीमित है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताएं और दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण की चुनौतियां भी शहर की बहुआयामी अनिश्चितता को और गहरा कर रही हैं।
जनसांख्यिकीय विश्लेषण से पता चलता है कि लगभग सभी वर्गों में अनिश्चितता समान रूप से फैली हुई है। लिंग, आयु और पेशे के आधार पर कोई बड़ा अंतर नहीं देखा गया, जिससे स्पष्ट होता है कि कोलकाता की चिंताएं व्यापक रूप से साझा की जा रही हैं। हालांकि, बच्चों वाले विवाहित लोगों में अनिश्चितता का स्तर कुछ अधिक पाया गया, जो बढ़ती पारिवारिक जिम्मेदारियों को दर्शाता है। सामाजिक–आर्थिक वर्गों में एसईसी–बी वर्ग में चिंता थोड़ी अधिक देखी गई, हालांकि सभी वर्गों में अनिश्चितता का स्तर ऊंचा ही बना हुआ है।
बीमा और निवेश के स्वामित्व के साथ अनिश्चितता का संबंध सरल नहीं बल्कि क्रमिक (नॉन–लिनियर) पाया गया। सीमित सुरक्षा कवरेज वाले—जैसे केवल एक बीमा पॉलिसी रखने वाले—लोगों में अनिश्चितता का स्तर सबसे अधिक (९१) दर्ज किया गया। वहीं, व्यापक बीमा कवरेज रखने वालों में चिंता तुलनात्मक रूप से कम पाई गई, जो यह संकेत देता है कि समग्र वित्तीय सुरक्षा लोगों में स्थिरता की भावना पैदा करती है।
कुल मिलाकर, कोलकाता की स्थिति राष्ट्रीय परिदृश्य से मेल खाती है, जहां सुरक्षा जोखिम, स्वास्थ्य सेवाओं की लागत और दीर्घकालिक वित्तीय तैयारी लोगों की स्थिरता की भावना को प्रभावित कर रही है। जैसे-जैसे जीवनयापन की लागत बढ़ती जा रही है और जीवन के विभिन्न चरणों में जिम्मेदारियां फैलती जा रही हैं, सुरक्षा, बचत और अवकाश (सेवानिवृत्ति) योजना के बीच संतुलन बनाकर समग्र योजना तैयार करना भविष्य के प्रति आत्मविश्वास पैदा करने का एक महत्वपूर्ण आधार बनता जा रहा है।

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