​केप वर्डे के गोलकीपर वोजिन्हा के फॉलोअर्स में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

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​नई दिल्ली: शक्तिशाली स्पेन के खिलाफ फीफा वर्ल्ड कप २०२६ के मैच में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले केप वर्डे के गोलकीपर वोजिन्हा रातों-रात नायक बन गए हैं। चरम दबाव वाले इस मैच में केप वर्डे के पोस्ट के आगे दीवार बनकर खड़े होने वाले इस गोलकीपर के सोशल मीडिया फॉलोअर्स महज १० घंटों में ५० हजार से बढ़कर ५० लाख से भी अधिक पहुंच गए हैं। सोमवार देर रात खेले गए मैच में साल २०१० के विश्व विजेता स्पेन को गोलरहित ड्रॉ (०-०) पर रोकने के लिए ४० वर्षीय वोजिन्हा ने अद्भुत खेल दिखाया था। पूरे मैच के दौरान स्पेन ने लगातार कई हमले किए, लेकिन उन्होंने एक के बाद एक कई बेहतरीन सेव किए।
​केप वर्डे जैसे छोटे से अफ्रीकी देश के लिए स्पेन के साथ बराबरी का यह नतीजा किसी ऐतिहासिक उपलब्धि से कम नहीं है। वोजिन्हा को उम्मीद के मुताबिक ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ के पुरस्कार से नवाजा गया। पुरस्कार हासिल करने के बाद उन्होंने कहा, “यह पुरस्कार मेरे सभी साथी खिलाड़ियों के लिए है। मैं निरंतर मेहनत करता रहूंगा।” उनके इस शानदार प्रदर्शन के कारण फुटबॉल प्रेमियों से उन्हें भरपूर समर्थन और प्रशंसा मिल रही है। मैच के ठीक बाद उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स में भारी उछाल आया है। मैच से पहले वोजिन्हा के इंस्टाग्राम पर ५० हजार से भी कम फॉलोअर्स थे, जो मैच के बाद बढ़कर ५० लाख से अधिक हो चुके हैं। स्पेन के तूफान को शांत करने वाले इस गोलकीपर के प्रदर्शन की अभी हर तरफ सराहना हो रही है।
​वोजिन्हा का पूरा नाम जोसिमार जोसे एवोरा डियास है। फुटबॉल के मैदान पर उन्हें वोजिन्हा नाम से ही ख्याति मिली है। उनका जन्म केप वर्डे के मिंडेलो में हुआ था। वोजिन्हा ने २५ वर्ष की उम्र में जाकर पेशेवर फुटबॉल खेलना शुरू किया था, जिस उम्र में आमतौर पर फुटबॉलर्स पूरी तरह स्थापित हो चुके होते हैं। उन्होंने अपने करियर में केप वर्डे, माल्डोवा, रोमानिया, साइप्रस और पुर्तगाल के निचले डिवीजन के क्लबों से पेशेवर फुटबॉल खेला है। वर्तमान में वे पुर्तगाल के क्लब चावेस से जुड़े हैं। उन्होंने २०१२ में राष्ट्रीय टीम के लिए पदार्पण (डेब्यू) किया था और अब तक अपनी राष्ट्रीय टीम के लिए ९० मैच खेल चुके हैं।
​लगभग ५.३ लाख की जनसंख्या वाले इस छोटे से अफ्रीकी देश केप वर्डे ने अपने लड़ाकू प्रदर्शन से हर किसी का दिल जीत लिया। फीफा रैंकिंग में ६४वें स्थान पर रहने वाली और पहली बार वर्ल्ड कप खेल रही इस टीम ने अपने पहले ही मैच में यूरोपीय चैंपियन तथा विश्व रैंकिंग में तीसरे नंबर पर काबिज स्पेनिश टीम को स्तब्ध कर दिया। मैच में केप वर्डे की टीम ने असाधारण अनुशासन, मजबूत डिफेंस और अद्भुत संयम का प्रदर्शन किया। गोलकीपर वोजिन्हा, सेंटर बैक पिको लोपेस और पूरी टीम ने स्पेन के लगातार हमलों को नाकाम कर इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया। दिलचस्प बात यह है कि वोजिन्हा खुद ४० वर्ष के हैं, जबकि स्पेन इस वर्ल्ड कप की सबसे युवा टीमों में से एक है। केप वर्डे के कोच बुबिस्ता ने मैच से पहले कहा था, “मैं चाहता हूं कि पूरा विश्व हमारे देश और टीम को जाने। हम यहां अपनी छाप छोड़ने आए हैं।” अंततः टीम ने अपने मैदान पर किए प्रदर्शन से कोच के इस बयान को सच साबित कर दिखाया।

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