नई दिल्ली: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान जान गंवाने वाले छह भारतीय जवानों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल (राष्ट्रीय समर स्मारक) की दीवार पर दर्ज किए जाने के बाद देश में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर जानकारी छिपाने और संसद को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया है।
विपक्ष के इन हमलों के बाद केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्टीकरण दिया है। मंत्रालय का कहना है कि २८ जुलाई २०२५ को संसद में रक्षा मंत्री द्वारा दिए गए भाषण को जानबूझकर गलत और भ्रामक तरीके से पेश करने की कोशिश की जा रही है।
संसद में रक्षा मंत्री का वक्तव्य
२८ जुलाई २०२५ को लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर हुई बहस के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष को जवाब देते हुए जोर देकर कहा था, “आपको सवाल पूछना है तो यह पूछिए कि इस ऑपरेशन में क्या हमारे जांबाज सैनिकों को कोई क्षति पहुंची है, तो उसका उत्तर है— नहीं।”
विपक्ष ने उठाए नैतिक अधिकार पर सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर रक्षा मंत्री के उस भाषण का वीडियो साझा करते हुए सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ भारत की जवाबी सैन्य कार्रवाई को लेकर संसद से झूठ बोला गया।
विदित हो कि मई २०२५ में पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए इस चार दिवसीय सैन्य अभियान को भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम दिया था। अब सरकार ने इस ऑपरेशन में सर्वोच्च बलिदान देने वाले छह भारतीय सैनिकों के नाम आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए हैं, जिनमें एक अग्निवीर जवान भी शामिल हैं।
सर्वोच्च बलिदान देने वाले छह जांबाज:
नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट के मुताबिक, इन वीर शहीदों में पांच थल सेना और एक वायुसेना के सार्जेंट शामिल हैं:
१. सूबेदार मेजर पवन कुमार (सेना मेडल)
२. राइफलमैन सुनील कुमार (वीर चक्र)
३. लांस नायक दिनेश कुमार (सेना मेडल)
४. एवी मूड मुरलीनाइक (अग्निवीर – सेना मेडल)
५. हवलदार सुनील कुमार सिंह (सेना मेडल)
६. सार्जेंट सुरेंद्र कुमार (वायु सेना मेडल)
रक्षा मंत्रालय का स्पष्टीकरण
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है, “जब रक्षा मंत्री संसद में बोल रहे थे, तब मीडिया और सोशल मीडिया के कुछ हिस्सों में यह झूठा प्रचार किया जा रहा था कि ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायुसेना के पायलट मारे गए हैं। रक्षा मंत्री का बयान इसी भ्रामक दुष्प्रचार के जवाब में था, जिसे पूरे संदर्भ के साथ देखा जाना चाहिए।” मंत्रालय ने दोहराया कि सरकार देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले अपने वीर जवानों के परिवारों को हर संभव सहायता और सम्मान प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।










