नई दिल्ली: जापान के आइची-नागोया में जारी एशियाई खेल २०२६ में भारतीय निशानेबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। सोमवार को पुरुषों की १० मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत ने २ पदक अपने नाम किए। हिमांशु ढिल्लन ने रजत और रुद्रांक्ष पाटिल ने कांस्य पदक जीता।
हिमांशु फाइनल में २५२.४ अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि तीसरे स्थान पर रहे रुद्रांक्ष ने २३०.९ अंकों के साथ कांस्य पदक हासिल किया। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक चीन के शेन लिहाओ के नाम रहा, जिन्होंने २५४.२ अंकों के साथ एशियाई खेलों में नया रिकॉर्ड बनाते हुए पहला स्थान हासिल किया।
रुद्रांक्ष पाटिल फाइनल में काफी समय तक स्वर्ण पदक की दौड़ में बने हुए थे, लेकिन अंतिम चरण में चीनी निशानेबाज ने असाधारण वापसी की। रुद्रांक्ष पहले स्वर्ण पदक की स्थिति से नीचे फिसले और बाद में ९.७ के एक खराब शॉट के कारण तीसरे स्थान पर पहुंच गए। वापसी की कोशिशों के बावजूद उन्हें अंततः कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा।
इससे पहले ६० शॉट के क्वालिफिकेशन दौर में रुद्रांक्ष ६३१.८ अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे, जबकि सातवें स्थान पर रहे हिमांशु ने ६३० अंक हासिल किए थे। वहीं पार्थ माने ने ६२८.३ अंक जुटाए थे।
टीम स्पर्धा में भी मिला रजत
रुद्रांक्ष और हिमांशु ने इससे पहले पुरुषों की १० मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भी रजत पदक जीता था। इस भारतीय टीम में पार्थ माने भी शामिल थे। पुरुषों की १० मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रुद्रांक्ष, हिमांशु और पार्थ की तिकड़ी ने कुल १८९०.१ अंक हासिल किए। चीन ने १८९९.० अंकों के विश्व रिकॉर्ड स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि १८८४.२ अंक अर्जित करने वाली दक्षिण कोरियाई टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
इस तरह रुद्रांक्ष पाटिल और हिमांशु ढिल्लन दोनों ने एशियाई खेल २०२६ में २-२ पदक हासिल कर लिए हैं।





