वॉशिंगटन: पाम बॉन्डी के पद से हटने के बाद जेफ्री एपस्टीन मामले को लेकर विवाद फिर गहरा गया है। “एपस्टीन फाइल्स” सार्वजनिक होने की उम्मीद लगाए बैठे पीड़ितों और अन्य लोगों ने बॉन्डी पर सच सामने लाने का मौका गंवाने का आरोप लगाया है।
एपस्टीन की कथित पीड़िता जेस माइकल्स ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि एक महिला अटॉर्नी जनरल बनने के बाद इस मामले की सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने कहा कि यौन हिंसा और मानव तस्करी के पीड़ितों को न्याय दिलाने का बड़ा अवसर था, लेकिन यह पूरा नहीं हो सका।
“एपस्टीन फाइल्स” के नाम से चर्चित जांच दस्तावेज बॉन्डी के कार्यकाल में लगातार विवादों में रहे। शुरुआत में बड़े खुलासों की बात कही गई, लेकिन बाद में कहा गया कि इनमें कुछ खास नहीं है। अंततः जो दस्तावेज जारी किए गए, उन्हें लेकर भी कई सवाल उठे।
हालांकि पाम बॉन्डी ने अपने फैसलों पर उठी आलोचनाओं को खारिज किया है। डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी तारीफ करते हुए उन्हें “महान देशभक्त और वफादार दोस्त” बताया।
एपस्टीन की एक अन्य पीड़िता एनी फार्मर ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि पूरी सरकारी और न्यायिक व्यवस्था की विफलता है, जिसने बार-बार पीड़ितों को निराश किया है।
पीड़ितों का कहना है कि केवल बॉन्डी के हटने से भरोसा बहाल नहीं होगा। इसके लिए पूरे सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी, ताकि इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके।









