एनएच-१० पर भूस्खलन का तांडव: रास्तों पर पसरा सन्नाटा और यात्रियों की मुश्किल

6dec070c-3936-4478-9482-f38a5da6b8f3

गंगटोक: पहाड़ों की वादियों में आज सुबह कुदरत का ऐसा कहर बरपा कि एनएच-१० का सीना ही फट गया। गंगटोक और सिलीगुड़ी को जोड़ने वाली यह मुख्य सड़क, जिसे इस इलाके की लाइफलाइन कहा जाता है, आज सुबह से ही पूरी तरह से जाम हो गई है। एटीटीसी कॉलेज (किमी ६०.६००), सिंगतम टनल पोर्टल (किमी ६०.५००) और २०वें मील (किमी ६०.२००) के पास पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा मलबे के रूप में सड़क पर आ गिरा। देखते ही देखते गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और लोग अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए परेशान हो उठे।
​मौके पर मौजूद एनएचआईडीसीएल की टीमें पूरी जान लगाकर मशीनों के जरिए मलबे को हटाने में जुटी हैं। लेकिन पहाड़ों का मिजाज समझना आसान नहीं होता; यहाँ के लोग जानते हैं कि मलबे के नीचे क्या छिपा है और ऊपर कब फिर से पत्थर गिर जाए।
नेशनल हाइवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड(एनएचआईडीसीएल) ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा और मौसम की अनिश्चितताओं के कारण सड़क साफ करने में कम से कम ५ घंटे का समय लगेगा। जिला प्रशासन ने सख्त लहजे में स्थानीय लोगों और पर्यटकों से कहा है कि जब तक रास्ता पूरी तरह से सुरक्षित घोषित न हो जाए, तब तक अनावश्यक जोखिम न उठाएं। दार्जिलिंग और सिक्किम के इन घुमावदार रास्तों पर सफर करना रोमांचक तो होता है, लेकिन आज की स्थिति ने यह साबित कर दिया है कि पहाड़ जब करवट लेते हैं तो इंसान बेबस हो जाता है। फिलहाल, प्रशासन ने लोगों से धैर्य रखने की अपील की है और कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

About Author

Advertisement