सड़क और पुल परियोजनाओं को युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश
सिलीगुड़ी: पहाड़, तराई और डुआर्स के जनजीवन को सुगम बनाने में यातायात और बुनियादी ढांचे की कितनी बड़ी भूमिका है, इसे हम सभी अच्छी तरह समझते हैं। इसी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए दार्जिलिंग के लोकप्रिय सांसद श्री राजू बिष्ट ने क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और समग्र इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यापक समीक्षा बैठक की है। पिछले दिनों प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुए नुकसान को सुधारने और भविष्य में हमारे भाई-बहनों को यात्रा के दौरान कोई असुविधा न हो, इस नेक उद्देश्य के साथ सांसद बिष्ट ने पीडब्लूडी की प्रधान सचिव सुश्री अंतरा आचार्य जी, जीटीए के प्रधान सचिव, दार्जिलिंग के जिलाधिकारी तथा पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, एनएचआईडीसीएल और जीटीए के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जिलों की विभिन्न सड़क और पुल परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
इस महत्वपूर्ण बैठक में अक्टूबर २०२५ के विनाशकारी भूस्खलन में पूरी तरह नष्ट हो चुके दुधे पुल के पुनर्निर्माण को लेकर गंभीर चर्चा हुई। फरवरी २०२७ तक स्थायी पुल का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है, लेकिन पिछले सप्ताह हुई भारी बारिश में अस्थायी पुल के बह जाने से जनता को हो रही परेशानी को लेकर सांसद बिष्ट बेहद चिंतित दिखे। जनता के इस दर्द को समझते हुए विभाग ने भारतीय सेना से सहयोग मांगा है और आगामी १५ दिनों के भीतर वहां एक अस्थायी बेली ब्रिज का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को तुरंत बड़ी राहत मिलेगी।
इसी तरह, हमारे क्षेत्र की आर्थिक, शैक्षिक और पर्यटन की जीवन रेखा माने जाने वाले रोहिणी-कुर्सेआंग रोड को अब और अधिक सुरक्षित और बेहतर बनाया जाएगा। इसके लिए इस सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी को जीटीए से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है। पीडब्ल्यूडी के वित्तीय संसाधनों, तकनीकी विशेषज्ञता और संस्थागत क्षमता के कारण अब इस मार्ग की देखरेख अधिक प्रभावी ढंग से होगी, जिससे वाहन चालकों और यात्रियों का सफर पूरी तरह सुरक्षित हो सकेगा।
सिलीगुड़ी, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और कुर्सेआंग जैसे प्रमुख शहरों में रोज-रोज के ट्रैफिक जाम की समस्या से अपने लोगों को निजात दिलाने के लिए सांसद बिष्ट ने दीर्घकालिक वैकल्पिक मार्गों की योजना भी सामने रखी है। एनएचएआई द्वारा शुरू किए जा रहे सिलीगुड़ी रिंग रोड, कालिम्पोंग के लिए वैकल्पिक मार्ग, सोनादा की सड़कों का चौड़ीकरण, चिमनी से घूम तक के ऐतिहासिक ओल्ड मिलिट्री रोड का विकास और अंबोटिया व गैमन ब्रिज से होकर प्रस्तावित कुर्सेआंग-सिलीगुड़ी सड़क जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं इसमें शामिल हैं। इसके अलावा सिलीगुड़ी और दार्जिलिंग को जोड़ने वाले सबसे उपयुक्त वैकल्पिक मार्ग की पहचान के लिए एनएचआईडीसीएल तकनीकी सर्वेक्षण कर रहा है, जबकि लेबोंग बाजार से थर्ड माइल बाजार और लेबोंग से तीस्ता बाजार तक के सर्कुलर रोड की मंजूरी की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में सांसद बिष्ट ने केंद्रीय सड़क और बुनियादी ढांचा कोष के तहत अनुशंसित सड़क और पुल परियोजनाओं की प्रगति का भी जायजा लिया। काम में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए दार्जिलिंग और कालिम्पोंग के जिलाधिकारी जीटीए और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ संयुक्त सर्वेक्षण टीमों का गठन करेंगे, जो जमीनी स्तर पर निरीक्षण कर काम को गति देंगी। उत्तर बंगाल के विकास को प्राथमिकता देने के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए सांसद राजू बिष्ट ने कहा कि वे सभी सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर उत्तर बंगाल की कनेक्टिविटी और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। एक जिम्मेदार बड़े भाई की तरह क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को समझकर सांसद बिष्ट द्वारा उठाए गए इस कदम से उत्तर बंगाल के यातायात और विकास के क्षेत्र में एक नई और सुखद सुबह आने का विश्वास स्थानीय जनता ने जताया है।











