नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ऑस्ट्रेलिया से ईरान की राष्ट्रीय महिला फुटबॉल टीम को शरण देने की अपील की है। उनका कहना है कि टीम को इस समय ईरान वापस भेजना एक बड़ी मानवीय भूल होगी।
ऑस्ट्रेलिया में चल रहे एएफसी वुमेन्स एशियन कप के दौरान यह विवाद सामने आया। टूर्नामेंट के दौरान ही अमेरिका और इज़रायल ने ईरान पर हवाई हमला किया, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता की मृत्यु की खबर सामने आई।
इस बीच ईरान की महिला टीम ने अपने पहले मैच में दक्षिण कोरिया के खिलाफ राष्ट्रगान के समय चुपचाप खड़े रहकर विरोध जताया था। रविवार को फिलीपींस के खिलाफ २-० की हार के साथ ईरान की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
खिलाड़ियों के वैश्विक संगठन फिफप्रो (FIFPRO) ने भी खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। संगठन को आशंका है कि यदि टीम ईरान लौटती है तो खिलाड़ियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
इस मुद्दे पर ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ऑस्ट्रेलिया यदि टीम को ईरान वापस भेजता है तो यह एक बड़ी मानवीय गलती होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि ऑस्ट्रेलिया शरण देने में असमर्थ रहता है तो अमेरिका इन खिलाड़ियों को अपने देश में आश्रय देने के लिए तैयार है।
वहीं ऑस्ट्रेलिया सरकार के सहायक विदेश मंत्री मैट थिसलथवेट ने कहा कि गोपनीयता के कारण सरकार किसी भी खिलाड़ी के व्यक्तिगत मामलों पर टिप्पणी नहीं कर सकती।










