नई दिल्ली: २०२६ फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप में ईरान की राष्ट्रीय फ़ुटबॉल टीम की भागीदारी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच, एशियन फ़ुटबॉल कॉन्फ़ेडरेशन (एएफसी) ने स्पष्ट किया है कि उन्हें अब तक ईरान से किसी भी आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है कि वह टूर्नामेंट से बाहर हो रहे हैं।
वर्ल्ड कप का आयोजन अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में किया जाएगा, जिसमें कुल 48 टीमें हिस्सा लेंगी। कुआलालम्पुर में मीडिया से बातचीत के दौरान एएफसी के महासचिव विण्डसन जन ने कहा कि “ईरान फ़ुटबॉल फ़ेडरेशन ने अब तक हमें किसी भी निर्णय की सूचना नहीं दी है। यह समय भावनाओं से भरा है, कई लोग अलग-अलग चर्चाएँ कर रहे हैं, लेकिन अंतिम निर्णय फ़ेडरेशन का ही होगा। हमें अब तक यही जानकारी है कि ईरान टूर्नामेंट में भाग लेगा।”
मध्य-पूर्व में हालात तनावपूर्ण हैं, अमेरिका और इज़राइल के हमले तथा ईरान के मिसाइल और ड्रोन जवाबी हमलों के बाद स्थिति जटिल हो गई है। ईरान के खेल मंत्री अहमद दोनयामाली ने हाल ही में कहा था कि वर्तमान परिस्थितियों में टीम के लिए वर्ल्ड कप में भाग लेना मुश्किल हो सकता है।
इस मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि ईरान की टीम का स्वागत किया जाएगा, हालांकि वर्तमान परिस्थितियों के बीच यह सुरक्षित न भी हो। वहीं, ईरान की राष्ट्रीय टीम ने स्पष्ट किया है कि टूर्नामेंट से किसी भी देश के नेता द्वारा बाहर नहीं किया जा सकता; आयोजन केवल फ़ीफ़ा द्वारा नियंत्रित किया जाएगा।
फ़ीफ़ा रैंकिंग में २०वें स्थान पर रहने वाली ईरान की टीम लगातार चौथी बार वर्ल्ड कप क्वालीफाई कर चुकी है। ग्रुप चरण में ईरान की पहली मैच १६ जून को न्यूजीलैंड के खिलाफ, फिर २१ जून को बेल्जियम के खिलाफ और २७ जून को मिस्र के खिलाफ तय है।









