गान्ताेक: गान्ताेक स्थित लोक भवन से जारी एक आधिकारिक संदेश में सिक्किम के माननीय राज्यपाल श्री ओमप्रकाश माथुर ने ‘असार १५’ के पावन अवसर पर सभी सिक्किम वासियों और विशेष रूप से किसान समुदाय को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में माननीय राज्यपाल ने कहा कि असार १५ हमारे किसानों के श्रम, समर्पण और जीवंत संस्कृति का एक प्रतीकात्मक दिन है। उन्होंने रेखांकित किया कि खेतों में कीचड़ के साथ खेलते हुए धान की रोपाई करने की यह अनूठी परंपरा केवल एक कृषि कार्य नहीं है, बल्कि यह हमारी सामूहिकता, सामाजिक सद्भाव और प्रकृति के प्रति गहरे सम्मान की अभिव्यक्ति भी है, साथ ही इस दिन पारंपरिक रूप से दही-चीउरा खाने की प्रथा हमारी मौलिक संस्कृति को और अधिक मजबूती प्रदान करती है। कृषि को हमारी अर्थव्यवस्था का मुख्य स्तंभ बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, ग्रामीण जीवन को सुदृढ़ बनाने और एक आत्मनिर्भर समाज का निर्माण करने में हमारे किसानों का योगदान अद्वितीय है तथा उनकी अथक मेहनत के कारण ही हमारा जीवन सुरक्षित, समृद्ध और टिकाऊ बना हुआ है।
राज्यपाल श्री ओमप्रकाश माथुर ने वर्तमान समय की आवश्यकता को समझने पर जोर देते हुए आह्वान किया कि आइए हम सब मिलकर किसानों का और अधिक सम्मान करें, आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं, जैविक खेती (ऑर्गेनिक फार्मिंग) को बढ़ावा दें और एक टिकाऊ कृषि प्रणाली के विकास के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ें। उन्होंने सभी से एक सुनहरे, समर्थ एवं समृद्ध सिक्किम के निर्माण के दृढ़ संकल्प के साथ ‘विकसित भारत @२०४७’ के सपने को साकार करने का संकल्प लेने का आग्रह किया। राज्यपाल ने यह अटूट विश्वास व्यक्त किया कि असार १५ का यह पारंपरिक पर्व हम सभी को कृषि, प्रकृति और संस्कृति के प्रति और अधिक जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देगा। अंत में उन्होंने सभी किसानों और नागरिकों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और निरंतर प्रगति की मंगलकामना करते हुए अपना संदेश पूरा किया।









