माजुली: विश्व के सबसे बड़े नदी द्वीप माजुली स्थित ऐतिहासिक आउनीआटी सत्र (मठ) में ३०० वर्षों से चली आ रही पारंपरिक ‘बोका खेल’ (कीचड़ का खेल) की परंपरा इस वर्ष भी हर्षोल्लास के साथ निभाई गई। नए साल अर्थात वैशाख के पहले दिन आयोजित इस अनूठे खेल में सत्र के भक्तों और वैष्णवों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
पीढ़ियों से चली आ रही यह संस्कृति असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और रंगाली बिहू के उत्साह का एक अभिन्न अंग मानी जाती है। सत्र परिसर में एकत्रित श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे पर कीचड़ लगाकर खुशियां बांटीं, जिससे पूरा वातावरण उत्सव के रंग में सराबोर हो गया। अपनी सांस्कृतिक आस्था और परंपरा को जीवित रखने के लिए हर साल यह खेल खेला जाता है, जो आपसी भाईचारे और आनंद का प्रतीक है।









